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वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया भला हो ऐ जिन्दगी तेरा , |

 वाह रे जिंदगी , वाह रे जिंदगी , तुने बहुत कुछ सिखा दिया | जिसको जिंदगी माना उन्होने ही हमे सब बता दिया | मालूम नही था तर्क वितर्क करना , पर तूने ही सब बता दिया | आता नही था कुछ भी , सब सिखा दिया | सिस्टम ने हमे सब बता दिया , संविधान का पाठ हमको पढा दिया | वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया | Buy Now माना था जिसको जान , उनहोने ने ही हमको मरना सिखा दिया , माना था कि हम सच्चे है , पर लोगो के सामने झूठा बता दिया , काहानी बना ली ,थी बहुत  सबके सामने गिरकर भी  पर उसने  अब उसने गिडगिडाना शुरू कर दिया | मानते थे उसको सब  पर दिनौ के सामने उन्होने  हमे रात दिखाना शुरू किया | भला हो ऐ जिन्दगी तेरा , अब जिद को हमने भी अजमाना भी  छोड दिया | वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया | आता था बस सीधा आना और सीधा जाना , पर इन मुशिकलो ने हमे बेपरवाह बना दिया | जिसको जिंदगी माना था , उसने हमे जिदंगी जीना सिखा दिया | वाह रे जिंदगी ,भला हो तेरा  तुने बहुत कुछ सिखा दिया | समय बहुत बुरा था , इसलिऐ कह भी ना पाऐ , संस्कार थे इसलिये सब जगह बोल भी ना पाऐ , वक्त के साथ फालत...

सपने है बस सोने नहीं देते हे | तेरे ख्वाब है और मेरे सपने , इसीलिये रोने नही देते है ..... इसीलिये रोने नही देते है ...

तेरे ख्वाब थे और मेरे सपने , मेने दिन रात एक थी , सपने सोने नही देते थे | दिन में तौ कहा रातो को भी जगा देते थे | उठ और चल कर ,मेहनत कर  तुझे बहुत आगे जाना है | लोगों की टोली में थोडा अलग सा चल, लोगों को प्यार दे मगर धोखा मत दे | साफ इंनकार कर कह दे  पर किसी के साथ धोखा मत कर , उपर वाला है सब देख रहा है | थोडा कम खा ले पर किसी का मार के मत खा | ये जिंदगी तो बहुत छोटी है | पर लंबी लगने में समय नही लगता | चक्र ऐसे चलेगा पर समझ नही पाएगा | मन में भैर रहेगा पर बता नही पाएगा | खबाब तो बहुत है , पर सपने आसमान से उपर , रातो को जाग जाग कर  पहरा दे रहे है | मुशिकल वकत में भी अपनो से  जुडे रहे है | ना किसी का लिया ! पर सपने सोने नही दे रहे है | तेरे ख्वाब थे और मेरे सपने , मेने दिन रात एक थी , गलत नही किया बस , जिंदगी ने सोने भी नही दिया | सच्चा रहा मगर फालतू किसी  के उपर हसने भी नही दिया | रात हो या दिन , आंखो को भी सोने ना दिया | तेरे खबाव थे मगर मेरे सपने , हर हालत में आगे बढना है | कमाने की भी ललक थी | पर ना किसी को हमारी भनक थी | हर आदमी ने सोचा था , नही कर पाऐगा , B...