ये दिन भी एक दिन ठहर जाऐगा , जहाँ रास्ते नही है वहाँ भी ये एक मोड बनाएगा | कभी तो ये रास्ता बदल जाऐगा , चल रहे है रूक रूक कर , पर एक दिन ये दिन भी ठहर जाऐगा , गलियो से ही मन बहल जाऐगा , रोडो पर ये पी पी का शोर मंद हो जाऐगा , कभी तो घर में अंधेरा हो जाऐगा , ये दिन है एक दिन कभी ना कभी ठहर जाऐगा , भाग कर उठ रहे हो आज तो , कल उठ कर चल नही पाएगा || दिल कहेगा उठ और चल मेरे यार , पर हाल कहेगा और मेरे हाल , ये जिद्द है कुछ पल की , कुछ पलो की ये अकड है ,, आज नही तो कल दिन बदल जाऐगा , पर एक दिन ये दिन ठहर जाऐगा , सोचेगा बहुत कुछ पर कर नही पाएगा , बोलेगा बहुत पर समझ नही पाऐगा ,,, एक दिन ये दिन ही बदल जाऐगा , कौन किसका है ओर कौन होगा अपना , ये दिल समझा नही पाऐगा , ये दिन भी एक दिन ठहर जाऐगा , जहाँ रास्ते नही है वहाँ भी ये नये मोड बनाएगा | कभी तो ये रास्ता बदल जाऐगा , चल रहे है रूक रूक कर , पर एक दिन ये दिन भी ठहर जाऐगा , ये भी जरूर पढे 👏🏻 ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... .. .
जब दिल ही नही करता तो , फिर दिल ही कयो लगाना , जब मन किसी और से है , तो हमे फिर उनको कयो समझाना , ताकत अपनी है , फिर अपने लोगो में लड के ही , कयू दिखाना || जब दिल ही हार गया ,तो फिर भी कयो मन को समझाना || जब दिल ही नही करता तो हमे दिल ही कयो लगाना || झरने बह रहे हे अपनी दिशाओ में , तो नदियों को कयो रोक के आना || जब सागर में उठी है लहरे , तो तुम्हे घर के दरवाजे कयू बंद करना || बिखरी है नजर इस हिसार शहर की तो अपने शहर से बाहर ही कयू जाना || और जिन्हे मतलब समझ नही आता मेरी बातो का , तो वो मेरे से दूर कयो ही नही हो जाता || जब दिल ही नही करता तो , फिर दिल ही कयो लगाना , जब मन किसी और से है , तो हमे फिर उनको कयो समझाना , जब मन किसी और से है , तो हमे फिर उनको कयो समझाना , और जब दिल ही नही करता तो , फिर हमे दिल ही कयो लगाना , ये भी पढे :: Click करे यहाँ से , ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... .. .