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सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही ,

 सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही , सच्ची सच्ची बताऊ अब वो रोश नही | घर में वो अफसोस नही | दिनो की अब परवाह नही , रातो में ज्यादा अब सोच नही | सच बताऊ अब  जिदंगी वो खास नही | मतलबी थी दुनिया अब वो पहले दुनिया की तरह रोक नही | मना ली है मेने  ये दुनिया  अब तेरी वो सोच नही || अब रो या सो , मतलबी का मुझे  अफसोस नही , गलती थी मेरी लाखो में  , पर अभी मुझे कोई अफसोस नही || कहू ना अब अपनी वो मेरी यादे || कयो कि कदमो में वो सम्मान नही | सच बताऊ तो अब अफसोस नही | रोकी ना टोकी , ना फालतू किसी के सामने बोली | सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही , सच बताऊ अब अफसोस नहीं | ये भी पढे ✍🏻 ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... ..
हाल की पोस्ट

बहुत ठीक होने लग गया हूँ || बहुत दूर होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | काहानी अलग लिख ली है मैने , अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ || अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू |

 बहुत ठीक होने लग गया हूँ || बहुत दूर होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | काहानी अलग लिख ली है मैने , अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ || अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू | (2024-25) के पिछले साल की 13 बीमारीयो से अभी छुट गया हूँ | अब चल पडा हू कुछ नया आयाम बनाने , सपने ही नही बस उनको साकार बनाने , चल पडा हू कुछ नया बनाने , मोहब्बत से अलग अपना संसार बनाने , बीते साल की अब याद बुलाने , बदल रहा हू मे अपना  राह , अब कुछ लोगों की अपनी वो  याद दिलाने , दिया हुआ मेंरा दिल से,  वो बरासलेट वाले ऐकंर का छलला , जिसने तोडा था मेरा सात जन्मों वाला वादा , अब उसे दिखे गा ना अब मेरा  ये सात जन्मों वाला इरादा , बहुत ठीक सा होने लग गया हूँ || बहुत दूर सा  होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | पीकर नही काटी रात मैने , मेहनत की आड में सैंकी है आंख मैने , पढा हू दिन रात बस अब ओर नाम कमाने , बीते साल की 13 बीमारीयो से लडकर , अब चल पडा हू कुछ नया दिखाने , बस अब हो गया हूँ नया नये  जमाने में , बीते पल की ना बात बताऊ , अब आ गया हूँ कुछ अलग...

सब भूल चूका हूँ |

 सब भूल चूका हूँ | कई गम पी चुूका हू | ऐहसान ही नही एहसास कर चुका हूँ , बस अब सब भुल चुका हूँ | हु हु सब भुल चुका हूँ | मन नही करता किसी से बात करना , बस अपने राह पर चल चुका हूँ | कामयाब नही हुआ हु अभी , बस कमाने निकल चुका हूँ | क ई क ई जगह तो ठोकरे से गिर चुका हूँ | पर अब सब भुल चुका हूँ || आदत नही बनना किसी की , अब ये बेमतलब वाला धोखा , बहुत सहन कर चुका हू | बस अब सब भुल चुका हूँ | ना चाहकर भी अपने हक को मानने   के लिये छोड चुका हूँ || कई कई बार तो खुद जहर के प्याले पी चूका हूँ| ना जाने अब कितना मजबूत हो गया है || दिल जहाँ से धडकना था | वहाँ से अब वो निकल चुका है || क ई बार तो रोने ही नही दिया है  उसके सामने मजबूत हो चुका हूँ || Buy Now अब सब भुल चुका हूँ || ना जाने में अब कोन से रास्ते से निकल रहा हू || क ई बार तो जगह ही नहीं , पर बहुतो के दिल पे राज कर चुका हूँ || चेहरे सुंदर नही बस केवल दिलो की  धडकन को पहचान चुका हूँ || बस अब सब भूल चूका हूँ | कई कई गम के प्याले  पी चुूका हू | ना जाने कई रास्ते अटके , पर वो अब में खोल चूका हूँ || पर वो अब में खोल चूका...

तू मेरे लिऐ कोशिश मत कर |||

 तू मेरे लिऐ कोशिश मत कर ||| तू मत कर कोशिश , तू मत कर  मुझे तोडने की कोशिश | जिंदा हूँ बस मुझे संभालने की कोशिश ना कर , कहाँ हु ये पूछने की कोशिश मत कर | बस जिंदा हूँ मुझे देखने की कोशिश मत कर | शहर के हर कोने घूमा हू  शहर की बाते मुझे समझाने की कोशिश ना कर , आदमी हूँ मुझे बुझाने की कोशिश मत कर, औरत के  हर रंग जानता हूँ मुझे तोडने की कोशिश मत कर, आड लगा ले जहाँ तक तुझे लगानी है , तू भूल बैठी ये मर्द कौन है | तू कोशिश मत कर , अहंकार की परिभाषा मत समझा | BUY NOW 🤛 गिराने की कोशिश तो लोगों ने भी की थी | पर गिरते हुऐ को अब तुम समझाने की कोशिश मत कर , मात्र दस रूपये में सफर किया है घर से कोच्ची तक , अब मुझे सफर में हमसफर वाला झूठा हुआ  साथ मत देख | मर्द तुने देखे होगे बहुत , पर मेरे जैसे मर्द को तू दोबारा मत देख || आखे लाल देखकर ये  मत सोच , कि रोया होगा , हालात के साथ चल के ये कोई बिना सोया होगा || प्यार एक को देते है ,इतना सस्ता नही एक मर्द का प्यार , वो झूठा वादा ना करने की कोशिश कर || तू एक बडी समझदार है मानता हू , पर तू मुझे जानने की कोशिश मत कर , चार दीव...

बस तू ही 😘बस तू ही तू || मेरा तू ही है यार ,तू ही है प्यार | दिल में भी तू ही बाहर भी में भी तुम ही यार

 बस तू ही 😘बस तू ही तू  || मेरा तू ही है यार ,तू ही है  प्यार | दिल में भी तू ही  बाहर भी में भी तुम ही यार , मेरी जिंदगी तू मेरी बर्बादी तू , मेरी चाहत तू ,मेरी राहत तू , मेरी आफत तू ,मेरी आदत तू  ,कहाँ कहाँ से देखू तुझे  किस्मत में बस तू ही ,तु  देखू तु एक नजर से , नजर टिकी की टिकी रह जाती है | बस तू ही तु नजर आती , मेंरी सांस मे तू ,मेरे साथ में तू || कदम में तू ,हाथ में तू , दिल की राहत में तू , दर्द में तू ,सूकुन में  तुम | बस अब मेरी आदत तू , Buy Now🤛 जी मांगे तुझे , आंख देखे तुझे , सच में बोलू तो दिल बोले  आई लव यू | कहता इतना बस तू ही तू | मोहब्बत की दिवार हो तुम , इशक की घडी तू , छन छन बोले पायल , ठन ठन बोले दिल मेरा , बस तू ही तू | जिंदगी की असली सफर तुम , जिंदगी की मोहबताज तुम , कया कया बोलू तुझे , जो तुझमे है वो सब मेरा हो तुम , मेरी मन्नत में तुम , मां की लाडली हो तुम , घर की पहरेदार भी तुम , घर की मालिक भी तुम , मेरा तू ही है यार ,तू ही है  प्यार | दिल में भी तू ही  बाहर  में भी तुम ही हो यार  , बस तू ही 😘...

लाज बचा ऐ बेटी , घर में लाज रख ऐ बेटी , लाज बचाना तेरा काम है बेटी , इज्जत घर घर की रखना तेरा काम है बेटी ,

 लाज बचा ऐ बेटी , घर में लाज रख ऐ बेटी , लाज बचाना तेरा काम है बेटी , इज्जत घर घर की रखना तेरा काम है बेटी , दर्द मत देना मुझे , नासमझ मत बन जाना है बेटी , बहुत लाड से पाली है बेटी , घर में लाज रख ऐ बेटी , नजर को उठाकर जीना , गंदे लोगो से बच के रहना , दर्द मुझे मत देना ऐ बेटी , तू मेरी लाडली है बेटी , कहता नही हू कभी भी तेरे को , इज्जत की नगरी में से  मत बेचना ऐ बेटी , लाडो मेरी तू लाडली है , घर की रखवाली है | तेरी मां के तू दिवाली है | मेंने शान से पाला है , लड लडकर इस दुनिया से आगे चलाया है | घर तू अपना मान बेटी , मत समझना घर को पराया पगली , छोटी छोटी कानो की बाली से लेकर , छन छन करने वाली पाजेब लाया हूँ बेटी , बस आंखो में आंसू मत आने दे ऐ बेटी , लाज बचाना तेरा काम है बेटी , घर की मर्यादा को टूटने मत दो ऐ बेटी , जा खुश रह बेटी , तेरे पापा ने तेरे   पढाई की बात करली है अपने शहर में , तु इुकने नहीं देगी , मेरा मान और सममान बेटी , इसलिये मैने अपने दिल को समझाकर ,  पढने भेजा है बेटी , तू बस लाज बचाना ऐ बेटी , ना पडना कभी गलत की संगती , अपनी मंजिल तुझे ही बनाना है ...

मै एक मर्द हूँ |

 मै एक मर्द हूँ | मै एक मर्द हूँ | समझता हूँ सब  पर डरता किसी से नही , बिना बोले भी चाहता हूँ | पर जिसके दिल पर राज करे , उसका घर सजाता हूँ | में एक मर्द हूँ , हर घर का एक दर्द सहता हूँ | ना चाहकर भी कभी कभी दुख ले लेता हूँ | सच में नही झूठ को पकड लेता हूँ | में एक मर्द हूँ , किसी की ना बेवजह सहता हूँ | जो दुखाऐ दिल , फिर भी अच्छे से समझाता हूँ | में एक मर्द हूँ , हर बात जानता हूँ , अनजान नही बस जिंदगी के  लिऐ अनजान बन जाता हूँ || में एक मर्द हूँ , कभी कभी बेवजह सह जाता हूँ || Buy Now घर में निकम्मा , मां का लाडला , बहन का गुस्सा , पिता का प्यारा और भाई का दोस्त भी  कहलाता हु , घर और  घरो से कमाने के लिऐ निकल जाता हूँ | कभी कभी बिना कुछ कहे भी , लोगो के दुख ले जाता हूँ , मर्द हूँ बस सब सह जाता हूँ || मर्द हूँ बस सब सह जाता हूँ || कभी कभी तो भुखा भी सो जाता हूँ| घर को खडा रखने के लिऐ , कभी कभी दो रूपये के आदमे के सामने  भी हाथ जोड जाता हूँ | मर्द हूँ बस , सब सह जाता हूँ || जिंदगी में धकके ,मुकके , गदारी के सिकको के नीचे  मे चला जाता हूँ ! मर्द हू बस कही...

एक शाम थी , हार थक के घर आ जाती थी | पता नही चलता था कि रात कटी या दिन , मन बहुत घबराता था | दिल को बहुत सताती थी | पता नही रात कयू आ जाती थी ,

 एक शाम थी , हार थक  के घर आ जाती थी | पता नही चलता था कि रात  कटी या दिन , मन बहुत घबराता था | दिल को बहुत सताती थी | पता नही रात कयू आ जाती थी , जिंदगी कयू रो जाती थी | आते थे सपने थके थके  फिर भी मन को कयो भा जाते थे | रास नही आया तुझे  तो फिर मुझे कयो पाने की सोची थी , हर शाम आती थी , थकी थकी मुझे रोने को कर जाती थी , खोये नही महफिलो में , फिर भी ये कयू चली जाती थी | हर एक शाम आती थी | कुछ पल सताती थी | आंखो मे दर्द की परत थी | कभी कभी तो ऐसी  शाम आती थी , दिल चाह कर भी नींद  नही आती थी | मेरी एक शाम आती थी , कभी बुखार तो कभी दर्द , और 14 तरह की बिमारी एक साल में  आ गई थी ,कैसे शाम निकले  एक साल की , हर महीने कुछ नई  दिककत आती थी || मां आई रोटी बनाने के लिऐ  पर वो शाम नही जाती थी | चाय पीकर  मां की दौड लगती थी , Buy Now ✍🏻 कभी बलले उठाकर कमरे में उठ जाती थी || उममीद बहुत थी पर  शाम वही बात याद आती थी ,| मासूम सी जिंदगी बनी थी  कभी कभी तो शाम  दिखते ही हाथ कांप जाती थी || पल पल याद है मुझे , पर आंखो की बिमारी...

उसे इंतजार था कि में आऊगा | उसे मेरी बात याद थी कि में उसे मनाऊगा|

 उसे इंतजार था कि में आऊगा | उसे मेरी बात याद थी कि  में उसे मनाऊगा| हर बार की तरह फौन को बंद किया था , सौचा था  कि इस पल भी में मनाऊगा | फिर सोचा था कुछ और , किया था कुछ और, पल पल याद थी उसे मेरी ,जुबानी  पर अबकी बार करवा चौथ की मांग में किसी और से सजावाऊंगा | माथे पर मेरी बिंदी ,मांग में सिंदूर कोई और से ही भरवाऊगा | तिलक मेरे सिर पर  और मेरे, अब किसी और से ही निकलवाऊगा | हर बार की तरह अब याद ना कभी आऊगा | छोडा सा उस मोड पे ,अब वो वकत दुबारा ना दिलाऊगा | उसे इंतजार था कि में आऊगा | उसे मेरी बात याद थी कि  में उसे मनाऊगा| पर अबकी बार समझा कुछ गलत था , कयोकि अब कसम खाई थी की अब फोन दुबारा कभी नही  मिलाऊगा | बदले थे सकंट के रास्ते मैने , पर अब अपमान नही सहन कर पाऊगा | जा जा औरो की जिंदगी , अभी में ना तुमसे व्रत करवाऊगा | जा जा कही जा अब ना तुमसे अपना हक बनाऊंगा | याद की बात नही , अब तो में वो राह ही  दिखाऊगा | काहनी में लिखता हू पर बहुत कुछ , काहानियां तुझपे ही  बनाऊगा || दिल से लिखूगा ,कहानियां तेरी  प्यार तो में वैसा ही रखूगा अब उनके लि...

वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया भला हो ऐ जिन्दगी तेरा , |

 वाह रे जिंदगी , वाह रे जिंदगी , तुने बहुत कुछ सिखा दिया | जिसको जिंदगी माना उन्होने ही हमे सब बता दिया | मालूम नही था तर्क वितर्क करना , पर तूने ही सब बता दिया | आता नही था कुछ भी , सब सिखा दिया | सिस्टम ने हमे सब बता दिया , संविधान का पाठ हमको पढा दिया | वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया | Buy Now माना था जिसको जान , उनहोने ने ही हमको मरना सिखा दिया , माना था कि हम सच्चे है , पर लोगो के सामने झूठा बता दिया , काहानी बना ली ,थी बहुत  सबके सामने गिरकर भी  पर उसने  अब उसने गिडगिडाना शुरू कर दिया | मानते थे उसको सब  पर दिनौ के सामने उन्होने  हमे रात दिखाना शुरू किया | भला हो ऐ जिन्दगी तेरा , अब जिद को हमने भी अजमाना भी  छोड दिया | वाह रे जिंदगी तुने बहुत कुछ सिखा दिया | आता था बस सीधा आना और सीधा जाना , पर इन मुशिकलो ने हमे बेपरवाह बना दिया | जिसको जिंदगी माना था , उसने हमे जिदंगी जीना सिखा दिया | वाह रे जिंदगी ,भला हो तेरा  तुने बहुत कुछ सिखा दिया | समय बहुत बुरा था , इसलिऐ कह भी ना पाऐ , संस्कार थे इसलिये सब जगह बोल भी ना पाऐ , वक्त के साथ फालत...

सपने है बस सोने नहीं देते हे | तेरे ख्वाब है और मेरे सपने , इसीलिये रोने नही देते है ..... इसीलिये रोने नही देते है ...

तेरे ख्वाब थे और मेरे सपने , मेने दिन रात एक थी , सपने सोने नही देते थे | दिन में तौ कहा रातो को भी जगा देते थे | उठ और चल कर ,मेहनत कर  तुझे बहुत आगे जाना है | लोगों की टोली में थोडा अलग सा चल, लोगों को प्यार दे मगर धोखा मत दे | साफ इंनकार कर कह दे  पर किसी के साथ धोखा मत कर , उपर वाला है सब देख रहा है | थोडा कम खा ले पर किसी का मार के मत खा | ये जिंदगी तो बहुत छोटी है | पर लंबी लगने में समय नही लगता | चक्र ऐसे चलेगा पर समझ नही पाएगा | मन में भैर रहेगा पर बता नही पाएगा | खबाब तो बहुत है , पर सपने आसमान से उपर , रातो को जाग जाग कर  पहरा दे रहे है | मुशिकल वकत में भी अपनो से  जुडे रहे है | ना किसी का लिया ! पर सपने सोने नही दे रहे है | तेरे ख्वाब थे और मेरे सपने , मेने दिन रात एक थी , गलत नही किया बस , जिंदगी ने सोने भी नही दिया | सच्चा रहा मगर फालतू किसी  के उपर हसने भी नही दिया | रात हो या दिन , आंखो को भी सोने ना दिया | तेरे खबाव थे मगर मेरे सपने , हर हालत में आगे बढना है | कमाने की भी ललक थी | पर ना किसी को हमारी भनक थी | हर आदमी ने सोचा था , नही कर पाऐगा , B...

कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना |

 कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना | मस्ती भरी आह ,मस्त मन को सजा के रखो ना , कयो दिल में दर्द ,आँखो में आँसू दिया करो ना , मन को थौडा हल्का कर दिया करो ना | गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , अब पहेलियां में अंक दिया करो ना , दिल की बात दिल से किया करो ना | मन की बात मुझे कहाँ करो ना , अच्छे बुरे दिन तो आते रहते है , बस हंस के मुझसे बात किया करो ना , घमंड थोडा कम,पर  दिल में मेरे लिऐ सांस भरा करो ना | में कुछ नही कहता पर तुम कुछ कहाँ करो ना | में गुस्सा कभी कम तो कभी ज्यादा , करता हूँ ,पर हक से तुम मुझे अपना कहाँ करो ना , मर्द की आँखो मे भी दर्द होता है , दिल जहाँ ना रहे वहा पर भी ये रोता है | एक सच्चा मर्द ऐसे ही नही बस सुबकता , वो बस अपनी जुबान पे टिका रहता है |  कुछ समय निकाल कर हंस लिया करो ,ना  मेरी जिंदगी में रखे है बस सच्चे वादे , तुम झूठे इरादो को कंधौ पर रखकर  बोझ ना लादाकरो ना | कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा ...

भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और पर दिल में दर्द कितना सस्ता है ||

 भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और  पर  दिल में दर्द कितना सस्ता है || कैसे बता दू मेरे दिल की काहानी , दूखो मे वो सूकून वाली ये बातूनी , तू जहां है में वहाँ आ जाऊगा , पडे पल में वो दिककत तुझे समझा जाऊगा | तू है तो में शांत हूँ , बढते कदम में भी तेरे साथ हूँ , तंगी  के हर मोड पर भी तेरे आगे हूँ में ,, तू है तो में मंजिल को पा जाऊगा | रास्ते दिखा तू बस मै सब सपने साकार कर जाऊगा || तू है तो जग मिला , बचपन से वो मन मिला , साथ नही छोडा तूने वो प्यार मिला , तू नही होता तो शायद हर रास्ते से  भटक जाता , तू नही होता तो में ये सब ना कर पाता , घर की जिम्मेदारी से में दब जाता , यदि तेरा साथ नही मिलता तो , ये जग मुझे धूल में मिला देता , लोग भोलेपन का रूप देकर जख्मों से भर जाता , Buy Now   वो बस अपनापन देते , मुझे पैरो के निचे कुचल जाते , यदि तू मे सही राह  नही दिखाता तो में  शायद भटके हुऐ रास्तो पर चला जाता ,लोग  विश्वास दिलाकर अंदर जख्म भर  देते , तू साथ नही होता तो संसार फीका हो जाता , कलर जाहे कैसा भी होता सब   रंग फीका दिख...

तुझे जाना कही था और हमे आना कही था

 तुझे जाना कही था  और हमे आना कही था | गुलदस्ते देना था पर  कांटे की डालो को छुना नही था | हँसना भी बहुत था , पर तेरे सामने रोना बिल्कुल नही था | डाल मुरझाई हुई को टोडना बिल्कुल ही नही था , चलते - चलते सफर में गिरना बिल्कुल नही था | ठोकरे लगते- लगते सभंलना बहुत जरूरी था || जाना था जिसको जहाँ के रास्ते  वहा पर उसको रोकना मेरा काम नही था || पर तुझे जाना कही था , और मुझे आना कही था | ना समझा सका ये कहना , मेरे लिऐ , शब्द थोडा सा अनकाना था | मिल सके हम अपने आप से , ये सपने तो बहुत से  दिन और रातो में  आते थे , तोल मोल के डोले || मस्ती से मन खोले , बिना डर के प्यार से बोले , कह दे अपनी बात , नही रहना अब बस तेरे साथ , दूर हो जाते बिना कुछ बोले  और कह देते जिसको  कहना था,  पर  जिसको आना था , तो फिर  उसे जाना कयो था , लगन लगी थी बस जीने की , तो मरने की कयो सोची थी | तकरार कया है ये  दिल को बताना  भी जरूरी था | जिसको दिल की बात बताऐ , उससे फिर शर्माना कयो था | किताब खोली थी बहुत डरते- डरते , पर किसी को यहाँ पर  दिल  से प्...

ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां रूह कांप जाती है ||

 ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां  रूह कांप जाती है || भरे समुंदर में भी बाढ आ जाती है | कथन लिख लिखकर आंखे जाग उठती है | सोचने से ज्यादा रूह कांप जाती है | लिखने से पहले ही अपनो की ही  , आंखे  भर उठती  है || कहानियां दिल से लिखे तो दर्द जगा देती है | तन और मन से लिखे हुऐ तो रूह को कंपा  देती है | ऐसे ही नही लिखी जाती लाईने , ऐसे ही नही होता वो मात्रा का  मिलान , कयोंकि इसके  हर काहानी में होता है रूह का संसार , हटरिया लिखता है तो शांत बैठकर , पर कांप जाते लोग इसका रूह देखकर , बनावटी नही बनाते कहावे में ही नही , हम ऐसे वैसे गीत नही गाते , जहाज की  उठान से भी ज्यादा , काहानी में रुह कांपते , मंजिल की धडकन में इनके दिल नही कांपते , आगे कदम रखकर भी पीछे कदम नही टिकते , काहानी में कहां दम लगे ,लोग पढकर  सैकंडो में  ही दूर फैकते | Buy Now   बन तो जाती है शायर और शायरिया , जिनको आते है शायरो की मात्रा,का मिलान, जिनको मिलती है भावानाऐं , वो लिख बैठते है रूह कांप ने  वाली कहानियां , ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां,  रूह कांप जाती ...

ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले ,

 ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने  दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले , सफर बढ रहा है धीरे धीरे , हवाऔ का झौका ना तेजी से आने दे | मुशिकल के रास्तो में , अब नामुकिन भी ना वो अंदाज मुझे ना आने दे | ऐ खामोशी इस चुप्पी का तू  शोर मत होने दे || Buy NoW चल रहे है अपने रास्तो पर , अब बेमतलब के चरणों से ना गुजरने दे , ऐ खामोशी अब फालतू के धंधे में समय  ना जाने दे || सपने अधूरे ही कहां पूरे हुऐ है , अभी से मुझे खामोशी का मौन ना तोडने दे || ऐ जिन्दगी और मेरे पल ,अभी जिन्दगी  में आगे बढने का नाम ना रूकने दे || चल रही है सांसे , अब तू मुझे गैरो से बैर ना होने दे | मुशिकलो के दौर में भी मुझे , कंठ की वो नाजायज आवाज ना निकलने दे , तबाही से तो नही डरना , बस मेरी चुप्पी तो इस संसार के लिऐ ना तोडने दे , ऐ खामोशी मुझे मेरे काम करने दे | कुछ अधूरे है काम , रास्तो में रूकावट ना आने दे || ऐ खामोशी ऐ मेरे जिन्दगी , मेरी जुबान पर गंदे लोगो के नाम ना आने दे || बहुत लिखे हुऐ है शलोक और कहानियां ...

जा जा तुझे जहाँ गिरना है | जा जा तुझे जहाँ मरना है || तू मर जितना मर सकता है | अफवाह नही चहिऐ , सच में रो तू जितना रो सकता है |

  तू गिर जितना गिर सकता है ,  गिरना तो  है ही तुझे , तू मर जितना मर सकता है | अफवाह नही चहिऐ , सच में रो तू जितना रो सकता है | आदते सच नही है तभी तो , तुम सच को झुठ बना सकता है | जा जा अब गिर जा , मरो या जाऔ , बस आंखो से दूर जाऔ ना  , मत दिख मुझे , जो कर सकता कर के देख ले , उममीद नही है तो सब कर के देख ले , जिंदगी को थोडा आगे और थोडा पीछे  पड के देख ले || गिर जा जहाँ गिरना वहाँ गिर  मरना है तुझे मर , मुझे कोई उम्मीद नही , दिन में रात ,और रातो को दिन करके देखा है || Buy Now Offer 30% off अब तु जा  यहाँ से , आया था मेरे पास तारे दिखाने के लिये| खुद को जीना नही पर दिखाता है  जीने की काहानी , बस बंद  कर दे ये मतलब की काहानी , कयोकि ये खुल्ले  रास्ते को बंद करते देखा है मैने || अब बस ये ही कहूंगा , तू जा जहाँ , है तुझे जाना ,, तू गिर ना तुझे गिरना है वहाँ | मत फिर आगे और  पीछे ,  जाल डालने की कोशिश कर ले ना दोबारा , शरीफ बंदो की उम्मीद पर पानी फेरने का जाला सज ले ना , अब रो कयो रहा है , गिर ना मेरे पैरो में , उम्मीद नही तो टिका दे घ...

वो गांव की गलियो वाला कल

  वो गांव की गलियो वाला कल  कदम निकला घर से तो गली मे आ गये  गांव से निकले से हम शहर चले आऐ, जब शहर से निकले तो परदेश चले आऐ, परदेशो से निकले तो विदेश पहुँच गये || बाद में पता चला कि हम तो अपना घर छोड आऐ| जहाँ बीता कल ,वो संसार छोड आऐ, सुनते थे कहानियां ,सुनाते थे  अपने गीत वो गांव की गलियां छोड आऐ , हम तो अपना घर छोड आऐ | आऐ कुछ कमाने तो कभी मन को भाने , पर सच में हम तो एक दिल छोड आऐ , गांव. मे वो अपना घर , गांव की वो गली  जिसमे खेलता था मेरा दोस्त  ओर वो  सब बहने अब पता चला कि  हम तो अपना एक बहुत बडा संसार छोड आऐ | आती है एक पल याद जब जाती है शाम , आती है एक पल याद जब जाती है शाम ,,थण थण मन तो करती है तंग तो कभी  मन को रहती है उलझन, सदा सदा वो याद तो आती है , गलियो की मस्ती , वो जोडड वाले किनारे , भैसो के साथ पशुओ को खेतो में चराने , साईकिल की सवारी से खेतो की रखवाली , घर आते वकत साईकल के साथ दौड , यही रहते रहते करते थे , शाम के इंतजार वाला  पल , गांव की गलियो में रहते थे  Buy Now .  वो बडे बुढो के साथ रहते थे  छोटे -2 प...

घर बदला है मैने , परिवार बदला है मैने , धोखे से अच्छा सच्चा साथी चुना है मैने इसलिये घर बदला है मैने , और बदला है परिवार मैने , और बदला है प्यार मेंने |||| ..

 घर बदला है मैने , परिवार बदला है मैने , धोखे से अच्छा  सच्चा साथी चुना है मैने , इतिहास में मैने दिवारो पर  देशभकतो के नाम देखे थे || कडी धूप में मैने अपने बाप की  परिक्षा होती देखा है मैने | कैसे कह दू साथ दिया है भगवान नै , मोदे पड पड रोते देखा है मेंने , चाल नही फट रही थी , एक नबंर की वजह से  जाब  लगते लगते छूटटती देखी है मेंने, ताने देणे वालो के आगे , काम मे आड लगाकर रोकते देखा है मेंने , कर्मो की मायाजाल के उपर , गरीबी का जाल देखा है मेंने , दर दर ठोकरे खाई है , कैसे कह दू सफल रास्ते  मिलते थे मुझे  || आग के आगे दोडता भी देखा है मेंने , घर में हुऐ अंधेरे को घटते देखा है मेंने, रूपया रूपया इकटठा करते मां - बाप  को देखा है मेंने , मुडे होऐ नोटो से मेरी फीस भरते  देखा है मेंने , स्कूल की आध्धी छूटटी  मे घर की तरफ भागते देखा है मेंने , फीस ना आने पर कलाश मे  दरवाजे आगे  खडे होके देखा है मेंने, परिवार बदला है मेंने , गंदे लोगो से हट कर अच्छे  काम करने की सोचा है मेंने , आज कह देते है लोग , किस्मत अच्छी हे तेरी अनिल ह...

दिल है ये यार , कहा से कहना माने , समझता है बहुत , पर कहता नही है कही ,ये दिल है यार ,

 दिल है ये यार , कहा से कहना माने , समझता है बहुत , पर कहता नही है कही ,, रातो रातो को भी जाग उठता है , दिनौ की तो सुनता है ही नही , कर्म करते करते थकता नही , अपने में विशवास रखकर , फिर ये रूकता है ही कही भी नहीं , मानता है तो सिर्फ अपना , कहता ही नही किसी को थोडा भी कही  ,  कयोकि ये दिल मानता है ही नही , मेहनत में रखता है बस विशवास , कर्मो मे ये  रखता है बहुत बडा सब्र , अकडता नही ये कही भी , पर गलत में झुकता भी कही नही , ये दिल है यार मानता ही नही , बस अपनी सुनता है किसी ओर की नही , इशारे पर नही , किसी की बातो में नही , Buy Now   थोडा धोखा देना तो ये सोचता भी नही , कर्म अच्छे रखो बस कहता है हर कही , ये दिल है यार मानता ही नही , हर मोड को अच्छे से तराश कर के देखता है | हर रोड को बडी कठिनाई से पार करके सांस रोका है | दिल में आराम की जगह है ही नही , दिल उठ जाता है रातो को भी , कयोकि ये मानता है ही नही , मेहनत में दम रखता है , बेवजह की बातो से अपने आप को दूर रखता है | कयोकि ये दिल है मेरा किसी  और का नही , कहा ही नही मानता , पर समझता है हर बात एकदम सही || ये द...