में चुप हूँ कयोकि मुझे मालूम है || में चुप हूँ इसलिये कि मुझे पता है | हर बात का एहसास है मुझे , इसलिये सभी का पता है | किनारे पर खडा हूँ , देख रहा हूँ ये नजारे , तू कही में कही , बस सपने पडे है दिल में हमारे || ना जानू किसी को , ना अनजान हूँ , बस खडा हूँ अपने दम पे , थोडा सा नादान हू , आती है मुझे सब बाते बतानी और उसे समझनी , पर चुप हूँ इसलिये कि मुझे पता है | हर बात का है मुझे एहसास है | इसलिये की कयोकि मुझे सब पता है | खेल रहा हू अपनी जिंदगी को , खेल रहा हू अपनी जिंदगी से , मस्त अपने आप में अकेले , मस्त अपने आप में ही अकेले , ना करता हूँ बेशर्मी , जानता हूँ पर अनजान थोडी ही हूँ || में चुप हूँ कयोकि मुझे मालूम है || में चुप हूँ इसलिये कि मुझे पता है | हर बात का एहसास है मुझे , इसलिये सभी का पता है | तो इसलिये सभी का पता है | में मुड के नही देखता ,हूँ दोबारा में कह कर चल पडता हूँ अब ना मिलू गा दोबारा ,, कयोकि मुझे पता है कि में गलत नही हूँ , ना -ना कहने वालो से अलग ही हो जाता हूँ || जो एक कदम साथ ना चल सके , ...
तू मेरे लिऐ कोशिश मत कर ||| तू मत कर कोशिश , तू मत कर मुझे तोडने की कोशिश | जिंदा हूँ बस मुझे संभालने की कोशिश ना कर , कहाँ हु ये पूछने की कोशिश मत कर | बस जिंदा हूँ मुझे देखने की कोशिश मत कर | शहर के हर कोने घूमा हू शहर की बाते मुझे समझाने की कोशिश ना कर , आदमी हूँ मुझे बुझाने की कोशिश मत कर, औरत के हर रंग जानता हूँ मुझे तोडने की कोशिश मत कर, आड लगा ले जहाँ तक तुझे लगानी है , तू भूल बैठी ये मर्द कौन है | तू कोशिश मत कर , अहंकार की परिभाषा मत समझा | BUY NOW 🤛 गिराने की कोशिश तो लोगों ने भी की थी | पर गिरते हुऐ को अब तुम समझाने की कोशिश मत कर , मात्र दस रूपये में सफर किया है घर से कोच्ची तक , अब मुझे सफर में हमसफर वाला झूठा हुआ साथ मत देख | मर्द तुने देखे होगे बहुत , पर मेरे जैसे मर्द को तू दोबारा मत देख || आखे लाल देखकर ये मत सोच , कि रोया होगा , हालात के साथ चल के ये कोई बिना सोया होगा || प्यार एक को देते है ,इतना सस्ता नही एक मर्द का प्यार , वो झूठा वादा ना करने की कोशिश कर || तू एक बडी समझदार है मानता हू , पर तू मुझे जानने की कोशिश मत कर , चार दीव...