बहुत ठीक होने लग गया हूँ || बहुत दूर होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | काहानी अलग लिख ली है मैने , अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ || अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू |
बहुत ठीक होने लग गया हूँ ||
बहुत दूर होने लग गया हूँ |
मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ |
काहानी अलग लिख ली है मैने ,
अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ ||
अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू |
(2024-25) के पिछले साल की 13 बीमारीयो से अभी छुट गया हूँ |
अब चल पडा हू कुछ नया आयाम बनाने ,
सपने ही नही बस उनको साकार बनाने ,
चल पडा हू कुछ नया बनाने ,
मोहब्बत से अलग अपना संसार बनाने ,
बीते साल की अब याद बुलाने ,
बदल रहा हू मे अपना राह ,
अब कुछ लोगों की अपनी वो याद दिलाने ,
दिया हुआ मेंरा दिल से,
वो बरासलेट वाले ऐकंर का छलला ,
जिसने तोडा था मेरा सात जन्मों वाला वादा ,
अब उसे दिखे गा ना अब मेरा
ये सात जन्मों वाला इरादा ,
बहुत ठीक सा होने लग गया हूँ ||
बहुत दूर सा होने लग गया हूँ |
मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ |
पीकर नही काटी रात मैने ,
मेहनत की आड में सैंकी है आंख मैने ,
पढा हू दिन रात बस अब ओर नाम कमाने ,
बीते साल की 13 बीमारीयो से लडकर ,
अब चल पडा हू कुछ नया दिखाने ,
बस अब हो गया हूँ नया नये जमाने में ,
बीते पल की ना बात बताऊ ,
अब आ गया हूँ कुछ अलग बताने ,
बहुत दूर होने लगा हू ,बहुत खुश होने लग गया हूँ ,
बहुत ठीक होने लग गया हूँ ,
अब के जमाने में ,
आंधी धूल मिटटी से अब डर नही लगता ,
सीखा है मैने अपनी ही जिंदगी के जमाने सै ,
अब नही कहता मोहब्बत हो जाऐगी बार बार ,
कयोकि अब दूर होने लग गया हूँ ,
अपने ही जमाने से ,
अपने रास्ते के निकम्मे लोगों से अलग चल पडा हू ||
बहुत ठीक होने लग गया हूँ ||
बहुत दूर होने लग गया हूँ |
मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ |
काहानी अलग लिख ली है मैने ,
अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ ||
बहुत ठीक होने लग गया हूँ ||
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