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अप्रैल, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मैने इज्जत की थी और तुने रोटी भी ना दी थी |

 मैने इज्जत की थी और  तुने रोटी भी ना दी थी | मैने इज्जत की थी और  तुने रोटी भी ना दी थी || मे सब जगह जीता हूँ  और हर जगह जीत भी रहा हू  || घमंड नही है मुझे एक पैसे का भी , कयोकि मैने इज्जत दी थी || तूने रोटी भी ना दी और मैने अपना घर भी दे दिया था | तूने पूछा भी ना था दर्द मेरा कभी , पर  तूने दर्द ऐसा दे दिया था || उबलते पानी को घाव पर डाल  दिया था  || अकड थी बहुत तुझमे , की झुका देगे तुझे झूठी बातो में ,, की झुका देगे तुझे झूठी बातो में , पर मैने इज्जत की थी | और तुने रोटी भी ना दी थी | में जीता हूँ हर जगह जगह , और जीत भी रहा हु , हारूगा नही याद है मुझे , कयोकि मैने इज्जत दी थी || कयोकि मैने इज्जत की थी || पुछकर - पुछकर हर बात किसी से  घर नही चलता , अकल नही है जिसको थोडी सी भी , वहाँ मर्द नही रूकता || कयोकि वहाँ मर्द नही रूकता || गंदे  दिल में मन नही लगता || सच्ची बात में मोहबबत होती है | सच्ची बात में मोहबबत होती है | हर  बार बात को  दबाने से घर नही बसता , मैने कहा था उसको , रोका नही उसको कभी भी , कही पर और घर में भी , मैने क...

आखिर दाग लग ही जाते है | सफेद रंगो मे ही नही, गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |

 आखिर दाग लग ही जाते है | सफेद रंगो मे ही नही,  गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है | सच बताऊ तो  तुम चाहे कितना अच्छा बन लो  कुछ लोग दाग लगा ही देते है | तुम चाहे दिल जान लगाकर  चाह लो , लोग दुसरो की तरफ रूह  मोड ही लेते है | में अपनी कहानियों में ही नही लिखता  ब्लकि अपना दर्द , हर दर्द को वो  लोग झूठा बता ही देते है | कुछ लोग सच्चे को झूठा बता ही जाते है | दिन को भी रात बता देते हे | आखिर दाग लग ही जाते है | गहरे रंगो में भी नजर पड जाते है | अपनी पहुँच उच्ची रख करके  लोगो . को बेकूफ समझ जाते है | कभी कभी सफेद कपडों में ही नही , गहरे रंगों मे भी दाग पड जाते है || कभी कभी लोग मीठे बनकर, एहसान करने लग जाते है | सच्ची बात तो ये है कि , मुर्ख़ लोग भी सब समझ जाते है | आखिर दाग लग ही जाते है | सफेद रंगो मे ही नही,  गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है | कैसे कह दू , फर्क नही पडता दाग से , आखिर लोग दगा देकर भी  अपने घाव को छूपा जाते है || आखिर लोग आखमिचोली खेल ही जाते है | धोखा देने की हद ही नही , अपने आप को राम से बडा मान जाते है | आखिर लोग दाग...

तू मुझसे प्यार कयो करती है , कयोकि मुझे तो निभाना ही नही आता है | तू मुझसे रूठ कयो जाती है , मुझे तो मनाना नही आता |

 तू मुझसे  प्यार कयो करती है  , कयोकि मुझसे तो निभाना ही  नही आता है | तू मुझे रूठ कयो जाती है , मुझे तो  मनाना नही आता | हर बार तेरे झूठे नखरे को उठाना नही आता | गलती को गलत ही कह देता हूँ | झूठ को सच कहना नही आता | तूजे कया बताऊ , हर बात को बताना नही आता | तू मुझसे प्यार का कयो करती है , कयोकि मुझे तो निभाना ही नही आता | झूठे को सच बताना नही आता , हर बार एक ही बात को बताना नही आता | बस बोल दिया है प्यार तुमसे है  रोज रोज मुझे कहना नही आता || मेरे रास्तों में मोड है बहुत , कस के पकड लो कयोकि मुझे छोडना नही आता || सुंदर तो बहुत लोग है आस और पास में  पर तेरे को गंदा कहना नही आता || तू मुझसे  प्यार कयो करती है  , कयोकि मुझे तो निभाना नही आता है | तू मुझे रूठ कयो जाती है , मुझे मनाना नही आता || सच्ची बात है ,एक साथ हू  सच्ची बात है ,एक साथ हू  पर मुझे किसी को झुकाना नही आता , मानता हू, में रहूंगा अकेला  पर हर बात को दिल पर रखकर सोना नही आता | चल के उठ पडता हूँ हर  वो गैरो के पास से , कयोकि हर बार बेजजती नही सह पाता| | कुछ समय...

मुझे इतना इंतजार कयू है | जब तुम बात ही नही करना चाहता है तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है | जब तू मुझसे प्यार ही नही करता , तो फिर तेरा मेरा ये इंतजार कयू है |

 मुझे इतना इंतजार कयू है | जब तुम बात ही नही करना चाहता है  तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है | जब तू मुझसे प्यार ही नही करता , तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार कयू है | जब तेरे को मेरी परवाह ही नहीं है , तो तेरे प्रति मेरा प्यार कयू हे , तू हमे चाहता ही नही है तो  मुझे तुम पर इतना इतबार कयू है | तू हर बार की तरह चाहता ही है तो  फिर तुझे मेरे पर विश्वास कयो नही है | तु मुझसे बात ही नही करना चाहता तो  मेरी आँखो मे तेरे  इंतजार कयू है || Buy Now हर बार पुछता हूँ , तुम जो मुझे जवाब देना ही नही चाहता तो  मेरे पास इतने सवाल कयू है | हर बार पुछता हूँ  फिर भी तेरा जबाब कयू नही है || हर बार प्यार की बात में ही करू , तो फिर सिर्फ तुमसे ही प्यार कयू है | तुझे मेरी चाहत ही नही तो  फिर मुझे छोडने का इतना हक कयू नही | मुझे इतना इंतजार कयू है | जब तुम बात ही नही करना चाहता है  तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है | जब तू मुझसे प्यार ही नही करता , तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार कयू है | हर बात को बहकता बहकता दिखाता है | पर तेरी  आदत मे सुधार कयू नही है | तू ...

मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है और मुझे किसी को गिराना भी नही ||

 मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है   और मुझे किसी को गिराना भी नही || बात कम करता हू , पर मुझे छूपाना नही आता | घर की हर बात याद है मुझे , तेरी बाहौ में मुझे अब चैन नही आता | मुझे आशिकी नही आती | मुझे निभाना आता है | मुझे तो बस समझाना आता हे | गलत आदमी से बात नही | बस गलतियों से सिखना आता हे | सच बताऊ मुझे आशिकी नही आती | काहानी लिखी  है मैने मेरे कलमो से , काहानी लिखी  है मैने मेरे कलमो से , किसी की फालतू कहनी नही आती | मुझे गिरना नही और गिराना भी नही आता , बात कम करता हू , पर छूपानी नही आती | मुझे आशिकी नही आती | सच में काहानी तो लाखो लिख दू , पर झूठी मुठी बाते कहनी नही आती || पर मे  तेरे जैसे का जिक्र नही करता | पर मे  तेरे जैसे का जिक्र नही करता | Buy Now तू सच हो या झूठ , मुझे बताना नही आता , मे आशिकी नही करता , में समझता हू हर बात | किसी को गलत कहना नही आता | मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है   और मुझे किसी को गिराना भी नही आता , बात कम करता हू , पर छूपाना नही आता | मुझे आशिकी नही आती ...