एक उम्र
एक उम्र सब सीखा देती है |
एक उम्र सब बता देती है |
ना जाने कया कया राह बता देती है |
खुले हुऐ दरवाजे को भी ताले लगा जाती है |
कभी कभी ये उम्र सीखा देती है |
कई मेहनत के रंग को फीका कर जाती है |
कभी हथेली की लकीर मोड जाती है |
कभी हाथो में हथकडी पहना देती है |
एक उम्र बहुत कुछ सीखा देती है |
आऐ हुऐ जिंदगी के वो दुख दर्द को भी भुला जाती है |
वो उम्र कई राह ढूढ लेती है |
कभी तो ये उम्र जिंदगी नई मोड ले लेती है |
कभी तो ये अपने को खो देती है |
उम्र बहुत कुछ ले लेती है |
ये उम्र भी बहुत कुछ ले लेती है ||
कभी बचपन में बचपना और बचपने को जवानी मे ,
तो कभी जवानी में बुढापा ले आती है |
उम्र हर मोड पर कुछ नया ले आती है |
बीते हुऐ दर्द के पल ,
ये उम्र कभी खुशी में ले आती है ||
ये उम्र बढती हुऐ ,
कुछ रंग बदल देती है |
कभी आंसूओं में खून तो ,
कभी बादलो से फूल बखेर हुऐ देखती है ||
ये उम्र हर दिन कुछ अलग ले बैठती है ||
ये उम्र कुछ अलग ले बैठती है ||
दिन हो जाहे रात ,
एक उम्र सब जाकं लेती है ||
मेरा हो या औरो की ,
ये उम्र सब कुछ बदल देती है ||
एक उम्र सब सीखा देती है |
एक उम्र सब बता देती है |
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