सच बताऊ अब अफसोस नहीं |
सच बताऊ अब खामोश नही |
सच बताऊ अब में वो नही ,
सच्ची सच्ची बताऊ अब वो रोश नही |
घर में वो अफसोस नही |
दिनो की अब परवाह नही ,
रातो में ज्यादा अब सोच नही |
सच बताऊ अब जिदंगी वो खास नही |
मतलबी थी दुनिया अब वो पहले
दुनिया की तरह रोक नही |
मना ली है मेने ये दुनिया
अब तेरी वो सोच नही ||
अब रो या सो ,
मतलबी का मुझे अफसोस नही ,
गलती थी मेरी लाखो में ,
पर अभी मुझे कोई अफसोस नही ||
कहू ना अब अपनी वो मेरी यादे ||
कयो कि कदमो में वो सम्मान नही |
सच बताऊ तो अब अफसोस नही |
रोकी ना टोकी ,
ना फालतू किसी के सामने बोली |
सच बताऊ अब अफसोस नहीं |
सच बताऊ अब खामोश नही |
सच बताऊ अब में वो नही ,
सच बताऊ अब अफसोस नहीं |
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