चंचल सा चेहरा तेरा ,
निखरती है आंखो की पलके तेरी ,
बेटी है तू मेरी ,बेटी है तू मेरी
सुबह उठ जाती है ,
अपने आप , चल पडती है आने को मेरे पास ,
लाडली है तू मेरी ,
छोटी सी जान है मेरी ,
राह की निहारती है नजर तेरी ,
हंसती हुई हिंमाशी तू बहुत अच्छी लगती है |
गालो की थोडी सी मलाई मुझे दे दे |
कभी तू भी मेरे दुख को भुला दे .
चंचल सा चेहरा तेरा ,
निखरती है आंखो की पलके तेरी ,
मुझे थोडा सा प्यार की घूंट पिला दे |
जब दर्द लगे तो मुझे बुला ले ,
औ मेरी नन्ही ही सी हिंमाशी
मुझे डांस कर के दिखा दे,
आया हू तेरे जन्मदिन पर भी
मुझे भी तेरी तीन मोमबत्ती बुझाने दे |
मुझे भी तीन मोमबत्ती बुझाने दे |
चल पडा हू अब तुझे छोड के
मुझे आज डयूटी पर जाने दे |
हो गई छूटटी पूरी अब तो
मुझे भी अपनी फौज की नौकरी में जाने दे |
याद तो आऐगी तेरी बेटी ,
पर तू खुशी से अपना जन्मदिन मना लेना |
औ मेरी हिमांशी तू अब जल्दी सी बडी हौजा |
पढ लिख कर कुछ अपना करने कोशिश कर ,
चंचल सा चेहरा तेरा ,
निखरती है आंखो की पलके तेरी ,
महकती है गर्भ वाली महक तेरी ,
तंगा रखे है कपडे
तेरे भी, मैने अपनी
कपडो की जोडी के साथ ,
याद तो रहेगी तुझे वो मेरी आसूं वाली याद ,
अब बेटा रहो तुम अपनी बचपनी में खुश ,
ना आऐ तुझे वो कभी मेरा जैसा दुख ,
तुम अपनी मसि्तियो पर खुश रहना ,
कोई बात नही है मुझे तुमसे ,
इ,स बात से की पल रहा है तू गेरो की बाहो में ,
बस हिंमाशी तुम मस्त रहना |
जन्मदिन की ढेरो सारी शुभकामनाएं |
तुम्हे ,
अब तीसरा जन्मदिन की भी नई यादे रहे |
प्यारा सा लाङू -हिमांशु हटरिया 😘😘😘
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