लाज बचा ऐ बेटी , घर में लाज रख ऐ बेटी , लाज बचाना तेरा काम है बेटी , इज्जत घर घर की रखना तेरा काम है बेटी ,
लाज बचा ऐ बेटी ,
घर में लाज रख ऐ बेटी ,
लाज बचाना तेरा काम है बेटी ,
इज्जत घर घर की रखना तेरा काम है बेटी ,
दर्द मत देना मुझे ,
नासमझ मत बन जाना है बेटी ,
बहुत लाड से पाली है बेटी ,
घर में लाज रख ऐ बेटी ,
नजर को उठाकर जीना ,
गंदे लोगो से बच के रहना ,
दर्द मुझे मत देना ऐ बेटी ,
तू मेरी लाडली है बेटी ,
कहता नही हू कभी भी तेरे को ,
इज्जत की नगरी में से मत बेचना ऐ बेटी ,
लाडो मेरी तू लाडली है ,
घर की रखवाली है |
तेरी मां के तू दिवाली है |
मेंने शान से पाला है ,
लड लडकर इस दुनिया से आगे चलाया है |
घर तू अपना मान बेटी ,
मत समझना घर को पराया पगली ,
छोटी छोटी कानो की बाली से लेकर ,
छन छन करने वाली पाजेब लाया हूँ बेटी ,
बस आंखो में आंसू मत आने दे ऐ बेटी ,
लाज बचाना तेरा काम है बेटी ,
घर की मर्यादा को टूटने मत दो ऐ बेटी ,
जा खुश रह बेटी ,
तेरे पापा ने तेरे
पढाई की बात करली है अपने शहर में ,
तु इुकने नहीं देगी ,
मेरा मान और सममान बेटी ,
इसलिये मैने अपने दिल को समझाकर ,
पढने भेजा है बेटी ,
तू बस लाज बचाना ऐ बेटी ,
ना पडना कभी गलत की संगती ,
अपनी मंजिल तुझे ही बनाना है ,
अपनी दिवार को तुझे ही खडा रखना है |
मेरी मंजिल में दिवार खडी मत करना |
लाज बचाना तेरा काम है बेटी ,
इज्जत घर घर की रखना तेरा काम है बेटी ,
दर्द मत देना मुझे ,
नासमझ मत बन जाना है बेटी ,
बहुत लाड से पाली है बेटी ,
घर में लाज रख ऐ बेटी ,
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