भाई यार तू कितना अच्छा है |
दिल तो बहुत बडा और
पर दिल में दर्द कितना सस्ता है ||
कैसे बता दू मेरे दिल की काहानी ,
दूखो मे वो सूकून वाली ये बातूनी ,
तू जहां है में वहाँ आ जाऊगा ,
पडे पल में वो दिककत तुझे समझा जाऊगा |
तू है तो में शांत हूँ ,
बढते कदम में भी तेरे साथ हूँ ,
तंगी के हर मोड पर भी तेरे आगे हूँ में ,,
तू है तो में मंजिल को पा जाऊगा |
रास्ते दिखा तू बस मै सब सपने साकार कर जाऊगा ||
तू है तो जग मिला ,
बचपन से वो मन मिला ,
साथ नही छोडा तूने वो प्यार मिला ,
तू नही होता तो शायद हर रास्ते से भटक जाता ,
तू नही होता तो में ये सब ना कर पाता ,
घर की जिम्मेदारी से में दब जाता ,
यदि तेरा साथ नही मिलता तो ,
ये जग मुझे धूल में मिला देता ,
लोग भोलेपन का रूप देकर जख्मों से भर जाता ,
वो बस अपनापन देते ,
मुझे पैरो के निचे कुचल जाते ,
यदि तू मे सही राह नही दिखाता तो में
शायद भटके हुऐ रास्तो पर चला जाता ,लोग
विश्वास दिलाकर अंदर जख्म भर देते ,
तू साथ नही होता तो संसार फीका हो जाता ,
कलर जाहे कैसा भी होता सब
रंग फीका दिखाई देता ,कौन साथ है
कौन पास बस मतलब से ये काम करते ,
शायद इस जीवन में वो दुख ना झेल पाता ,
यदि तू मुझे बुरे कर्मो से ना बचाता ,तो
कहा ये ये वर्दी और ,
कया से ये चेहरे पर चमक पाता ,
भाई तू साथ मे भागा ,
वो खेत से लेकर स्कूलों तक ,
मैदान में हो या तूफानों की गूंजो तक ,
हर कदम थका नही ,
भाई यार तू कितना अच्छा है |
दिल तो बहुत बडा और
दिल में दर्द कितना सस्ता है ||
कैसे व्याखान करू तुझे ,भाई
ये ढाई अक्षर का नाम इतना कुछ
सह पाया ||
हर मोड पर मुझे ये सब बता जाता |
चढाई आऐगी या ढलाई हर इटको को समय पर
समझा जाता ,
दिल कितना है नैक है |
कयो इसे मोड से ले आया ,
आफत पडी बेमोल में ,
घर को तू संभाल लाया ,,
शायद तू बडा नही होता तो ,
में घर के बोझ तले दब जाता ,
कही कानून तो कही गवाही ,
तो अभी कही के खेतो में अन्नो की ढुलाई में रह जाता !
शायद में आगे नही बढ पाता ,
जब तेरा साथ ना पाता ,
शायद में आगे नही बढ पाता ,
जब तेरा साथ ना पाता ||
भाई यार तू कितना अच्छा है |
दिल तो बहुत बडा और
पर दिल में दर्द कितना सस्ता है ||
शायद में आगे नही बढ पाता ,
जब तेरा साथ ना पाता ,
भाई भाई भाई !!
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