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सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही ,

 सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही , सच्ची सच्ची बताऊ अब वो रोश नही | घर में वो अफसोस नही | दिनो की अब परवाह नही , रातो में ज्यादा अब सोच नही | सच बताऊ अब  जिदंगी वो खास नही | मतलबी थी दुनिया अब वो पहले दुनिया की तरह रोक नही | मना ली है मेने  ये दुनिया  अब तेरी वो सोच नही || अब रो या सो , मतलबी का मुझे  अफसोस नही , गलती थी मेरी लाखो में  , पर अभी मुझे कोई अफसोस नही || कहू ना अब अपनी वो मेरी यादे || कयो कि कदमो में वो सम्मान नही | सच बताऊ तो अब अफसोस नही | रोकी ना टोकी , ना फालतू किसी के सामने बोली | सच बताऊ अब अफसोस नहीं | सच बताऊ अब खामोश नही | सच बताऊ अब में वो नही , सच बताऊ अब अफसोस नहीं | ये भी पढे ✍🏻 ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... ..