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कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना |

 कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना | मस्ती भरी आह ,मस्त मन को सजा के रखो ना , कयो दिल में दर्द ,आँखो में आँसू दिया करो ना , मन को थौडा हल्का कर दिया करो ना | गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , अब पहेलियां में अंक दिया करो ना , दिल की बात दिल से किया करो ना | मन की बात मुझे कहाँ करो ना , अच्छे बुरे दिन तो आते रहते है , बस हंस के मुझसे बात किया करो ना , घमंड थोडा कम,पर  दिल में मेरे लिऐ सांस भरा करो ना | में कुछ नही कहता पर तुम कुछ कहाँ करो ना | में गुस्सा कभी कम तो कभी ज्यादा , करता हूँ ,पर हक से तुम मुझे अपना कहाँ करो ना , मर्द की आँखो मे भी दर्द होता है , दिल जहाँ ना रहे वहा पर भी ये रोता है | एक सच्चा मर्द ऐसे ही नही बस सुबकता , वो बस अपनी जुबान पे टिका रहता है |  कुछ समय निकाल कर हंस लिया करो ,ना  मेरी जिंदगी में रखे है बस सच्चे वादे , तुम झूठे इरादो को कंधौ पर रखकर  बोझ ना लादाकरो ना | कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा ...

भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और पर दिल में दर्द कितना सस्ता है ||

 भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और  पर  दिल में दर्द कितना सस्ता है || कैसे बता दू मेरे दिल की काहानी , दूखो मे वो सूकून वाली ये बातूनी , तू जहां है में वहाँ आ जाऊगा , पडे पल में वो दिककत तुझे समझा जाऊगा | तू है तो में शांत हूँ , बढते कदम में भी तेरे साथ हूँ , तंगी  के हर मोड पर भी तेरे आगे हूँ में ,, तू है तो में मंजिल को पा जाऊगा | रास्ते दिखा तू बस मै सब सपने साकार कर जाऊगा || तू है तो जग मिला , बचपन से वो मन मिला , साथ नही छोडा तूने वो प्यार मिला , तू नही होता तो शायद हर रास्ते से  भटक जाता , तू नही होता तो में ये सब ना कर पाता , घर की जिम्मेदारी से में दब जाता , यदि तेरा साथ नही मिलता तो , ये जग मुझे धूल में मिला देता , लोग भोलेपन का रूप देकर जख्मों से भर जाता , Buy Now   वो बस अपनापन देते , मुझे पैरो के निचे कुचल जाते , यदि तू मे सही राह  नही दिखाता तो में  शायद भटके हुऐ रास्तो पर चला जाता ,लोग  विश्वास दिलाकर अंदर जख्म भर  देते , तू साथ नही होता तो संसार फीका हो जाता , कलर जाहे कैसा भी होता सब   रंग फीका दिख...

तुझे जाना कही था और हमे आना कही था

 तुझे जाना कही था  और हमे आना कही था | गुलदस्ते देना था पर  कांटे की डालो को छुना नही था | हँसना भी बहुत था , पर तेरे सामने रोना बिल्कुल नही था | डाल मुरझाई हुई को टोडना बिल्कुल ही नही था , चलते - चलते सफर में गिरना बिल्कुल नही था | ठोकरे लगते- लगते सभंलना बहुत जरूरी था || जाना था जिसको जहाँ के रास्ते  वहा पर उसको रोकना मेरा काम नही था || पर तुझे जाना कही था , और मुझे आना कही था | ना समझा सका ये कहना , मेरे लिऐ , शब्द थोडा सा अनकाना था | मिल सके हम अपने आप से , ये सपने तो बहुत से  दिन और रातो में  आते थे , तोल मोल के डोले || मस्ती से मन खोले , बिना डर के प्यार से बोले , कह दे अपनी बात , नही रहना अब बस तेरे साथ , दूर हो जाते बिना कुछ बोले  और कह देते जिसको  कहना था,  पर  जिसको आना था , तो फिर  उसे जाना कयो था , लगन लगी थी बस जीने की , तो मरने की कयो सोची थी | तकरार कया है ये  दिल को बताना  भी जरूरी था | जिसको दिल की बात बताऐ , उससे फिर शर्माना कयो था | किताब खोली थी बहुत डरते- डरते , पर किसी को यहाँ पर  दिल  से प्...

ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां रूह कांप जाती है ||

 ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां  रूह कांप जाती है || भरे समुंदर में भी बाढ आ जाती है | कथन लिख लिखकर आंखे जाग उठती है | सोचने से ज्यादा रूह कांप जाती है | लिखने से पहले ही अपनो की ही  , आंखे  भर उठती  है || कहानियां दिल से लिखे तो दर्द जगा देती है | तन और मन से लिखे हुऐ तो रूह को कंपा  देती है | ऐसे ही नही लिखी जाती लाईने , ऐसे ही नही होता वो मात्रा का  मिलान , कयोंकि इसके  हर काहानी में होता है रूह का संसार , हटरिया लिखता है तो शांत बैठकर , पर कांप जाते लोग इसका रूह देखकर , बनावटी नही बनाते कहावे में ही नही , हम ऐसे वैसे गीत नही गाते , जहाज की  उठान से भी ज्यादा , काहानी में रुह कांपते , मंजिल की धडकन में इनके दिल नही कांपते , आगे कदम रखकर भी पीछे कदम नही टिकते , काहानी में कहां दम लगे ,लोग पढकर  सैकंडो में  ही दूर फैकते | Buy Now   बन तो जाती है शायर और शायरिया , जिनको आते है शायरो की मात्रा,का मिलान, जिनको मिलती है भावानाऐं , वो लिख बैठते है रूह कांप ने  वाली कहानियां , ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां,  रूह कांप जाती ...

ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले ,

 ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने  दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले , सफर बढ रहा है धीरे धीरे , हवाऔ का झौका ना तेजी से आने दे | मुशिकल के रास्तो में , अब नामुकिन भी ना वो अंदाज मुझे ना आने दे | ऐ खामोशी इस चुप्पी का तू  शोर मत होने दे || Buy NoW चल रहे है अपने रास्तो पर , अब बेमतलब के चरणों से ना गुजरने दे , ऐ खामोशी अब फालतू के धंधे में समय  ना जाने दे || सपने अधूरे ही कहां पूरे हुऐ है , अभी से मुझे खामोशी का मौन ना तोडने दे || ऐ जिन्दगी और मेरे पल ,अभी जिन्दगी  में आगे बढने का नाम ना रूकने दे || चल रही है सांसे , अब तू मुझे गैरो से बैर ना होने दे | मुशिकलो के दौर में भी मुझे , कंठ की वो नाजायज आवाज ना निकलने दे , तबाही से तो नही डरना , बस मेरी चुप्पी तो इस संसार के लिऐ ना तोडने दे , ऐ खामोशी मुझे मेरे काम करने दे | कुछ अधूरे है काम , रास्तो में रूकावट ना आने दे || ऐ खामोशी ऐ मेरे जिन्दगी , मेरी जुबान पर गंदे लोगो के नाम ना आने दे || बहुत लिखे हुऐ है शलोक और कहानियां ...