सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मार्च, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक पुरूष थकता नही | एक पुरूष थकता नही है | उसे थकाया जाता है | वो हारता नही पर उसे हराया जाता है |

 एक पुरूष थकता नही | एक पुरूष थकता नही है | उसे थकाया जाता है | वो हारता नही पर उसे हराया जाता है | वो रोता नही है पर रूलाया जाता है | तू एक मर्द है ये कहकर चुप कराया जाता है | घर की सारी जिम्मेदारी दिया जाता है | एक आंसू कया टपका दो किसी के पास , औरत है कया तू ये कहा जाता है | एक मर्द है तू ये समझाया जाता है | सब जिम्मेदारी का एहसास दिलाया जाता है | कमाना भी तू तुझे है | घर भी तुझे ही चलाना है | ये कहकर एक मर्द को हराया जाता है | एक पुरूष थकता नही है , पर फिर भी उसे थकाया जाता है | तुझे पढकर आगे जाना है | कही कलम की नौकरी तो कही मजदूरी करवाया जाता है | एक मर्द थकता नही , पर फिर भी परिवार के तानो से थकाया जाता है | ये तो सब देखा हुआ है , तू कया अलग घूमाया मुझे  ऐसे ऐसी जगह तो घुमी हुई है | कहकर लोगो को भी सुनाया जाता है | अपने आप को बडा मानते है लोग , जिनकी जेब नही है दस से ज्यादा कया नोट  कहकर ये लोगों को बढाया जाता है | अकसर जिन्हे देखी ही नही मेहनत की वो  राते , वो अकसर रातो रात खबाबो के सपने सजाते है | मर्द थकते नही उन्हे थकाया जाता है | ये कह कहकर घर तेरे हाथ मे...