सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हर बहन🙋 ये सोचती👬💪🏽 है कया ये सोच🤔

#गुमराह_लड़की
मेरी💞प्यारी बहन,sister ke kahani ,bhen ke kahni ,sister love ,love with sister ,sister gussa ,love with sister

ट्रैन के कम्पार्टमेंट में मेरे सामने की सीट पर बैठी लड़की ने मुझसे पूछा " हैलो, क्या आपके पास इस मोबाइल की पिन है??"

उसने अपने बैग से एक फोन निकाला था, और नया सिम कार्ड उसमें डालना चाहती थी। लेकिन सिम स्लॉट खोलने के लिए पिन की जरूरत पड़ती है जो उसके पास नहीं थी। मैंने हाँ में गर्दन हिलाई और सीट के नीचे से अपना बैग निकालकर उसके टूल बॉक्स से पिन ढूंढकर लड़की को दे दी। लड़की ने थैंक्स कहते हुए पिन ले ली और सिम डालकर पिन मुझे वापिस कर दी।

थोड़ी देर बाद वो फिर से इधर उधर ताकने लगी, मुझसे रहा नहीं गया.. मैंने पूछ लिया "कोई परेशानी??"

वो बोली सिम स्टार्ट नहीं हो रही है, मैंने मोबाइल मांगा, उसने दिया। मैंने उसे कहा कि सिम अभी एक्टिवेट नहीं हुई है, थोड़ी देर में हो जाएगी। और एक्टिव होने के बाद आईडी वेरिफिकेशन होगा उसके बाद आप इसे इस्तेमाल कर सकेंगी।

लड़की ने पूछा, आईडी वेरिफिकेशन क्यों??

मैंने कहा " आजकल सिम वेरिफिकेशन के बाद एक्टिव होती है, जिस नाम से ये सिम उठाई गई है उसका ब्यौरा पूछा जाएगा बता देना"

लड़की बुदबुदाई "ओह्ह "

मैंने दिलासा देते हुए कहा "इसमे कोई परेशानी की कोई बात नहीं"

वो अपने एक हाथ से दूसरा हाथ दबाती रही, मानो किसी परेशानी में हो। मैंने फिर विन्रमता से कहा "आपको कहीं कॉल करना हो तो मेरा मोबाइल इस्तेमाल कर लीजिए"

लड़की ने कहा "जी फिलहाल नहीं, थैंक्स, लेकिन ये सिम किस नाम से खरीदी गई है मुझे नहीं पता"

मैंने कहा "एक बार एक्टिव होने दीजिए, जिसने आपको सिम दी है उसी के नाम की होगी"

उसने कहा "ओके, कोशिस करते हैं"

मैंने पूछा "आपका स्टेशन कहाँ है??"

लड़की ने कहा "दिल्ली"

और आप?? लड़की ने मुझसे पूछा

मैंने कहा "दिल्ली ही जा रहा हूँ, एक दिन का काम है, आप दिल्ली में रहती हैं या...?"

लड़की बोली "नहीं नहीं, दिल्ली में कोई काम नहीं ना मेरा घर है वहाँ"

तो? मैंने उत्सुकता वश पूछा

वो बोली "दरअसल ये दूसरी ट्रेन है, जिसमे आज मैं हूँ, और दिल्ली से तीसरी गाड़ी पकड़नी है, फिर हमेशा के लिए आज़ाद"

आज़ाद?? लेकिन किस तरह की कैद से?? मुझे फिर जिज्ञासा हुई किस कैद में थी ये कमसिन अल्हड़ सी लड़की..

लड़की बोली, उसी कैद में थी जिसमें हर लड़की होती है। जहाँ घरवाले कहे शादी कर लो, जब जैसा कहे वैसा करो। मैं घर से भाग चुकी हुँ..

मुझे ताज्जुब हुआ मगर अपने ताज्जुब को छुपाते हुए मैंने हंसते हुए पूछा "अकेली भाग रही हैं आप? आपके साथ कोई नजर नहीं आ रहा? "

वो बोली "अकेली नहीं, साथ में है कोई"

कौन? मेरे प्रश्न खत्म नहीं हो रहे थे

दिल्ली से एक और ट्रेन पकड़ूँगी, फिर अगले स्टेशन पर वो मिलेगा, और उसके बाद हम किसी को नहीं मिलेंगे..

ओह्ह, तो ये प्यार का मामला है।

उसने कहा "जी"

मैंने उसे बताया कि 'मैंने भी लव मैरिज की है।'

ये बात सुनकर वो खुश हुई, बोली "वाओ, कैसे कब?" लव मैरिज की बात सुनकर वो मुझसे बात करने में रुचि लेने लगी

मैंने कहा "कब कैसे कहाँ? वो मैं बाद में बताऊंगा पहले आप बताओ आपके घर में कौन कौन है?

उसने होशियारी बरतते हुए कहा " वो मैं आपको क्यों बताऊं? मेरे घर में कोई भी हो सकता है, मेरे पापा माँ भाई बहन, या हो सकता है भाई ना हो सिर्फ बहने हो, या ये भी हो सकता है कि बहने ना हो और 2-4 मुस्टंडे भाई हो"

मतलब मैं आपका नाम भी नहीं पूछ सकता "मैंने काउंटर मारा"

वो बोली, 'कुछ भी नाम हो सकता है मेरा, टीना, मीना, शबीना, अंजली कुछ भी'

बहुत बातूनी लड़की थी वो.. थोड़ी इधर उधर की बातें करने के बाद उसने मुझे ट्रॉफी दी जैसे छोटे बच्चे देते हैं क्लास में, बोली आज मेरा बर्थडे है।

मैंने उसकी हथेली से ट्रॉफी उठाते बधाई दी और पूछा "कितने साल की हुई हो?"

वो बोली "18"

"मतलब भागकर शादी करने की कानूनी उम्र हो गई आपकी" मैंने काउंटर किया

वो "हंसी"

कुछ ही देर में काफी फ्रैंक हो चुके थे हम दोनों। जैसे बहुत पहले से जानते हो एक दूसरे को..

मैंने उसे बताया कि "मेरी उम्र 28 साल है, यानि 10 साल बड़ा हुँ"

उसने चुटकी लेते हुए कहा "लग भी रहे हो"

मैं मुस्कुरा दिया

मैंने उसे पूछा "तुम घर से भागकर आई हो, तुम्हारे चेहरे पर चिंता के निशान जरा भी नहीं है, इतनी बेफिक्री मैंने पहली बार देखी"

खुद की तारीफ सूनकर वो खुश हुई, बोली "मुझे उसने(प्रेमी ने) पहले से ही समझा दिया था कि जब घर से निकलो तो बिल्कुल बिंदास रहना, घरवालों के बारे में बिल्कुल मत सोचना, बिल्कुल अपना मूड खराब मत करना, सिर्फ मेरे और हम दोनों के बारे में सोचना और मैं वही कर रही हूँ"

मैंने फिर चुटकी ली, कहा "उसने तुम्हे मुझ जैसे अनजान मुसाफिरों से दूर रहने की सलाह नहीं दी?"

उसने हंसकर जवाब दिया "नहीं, शायद वो भूल गया होगा ये बताना"

मैंने उसके प्रेमी की तारीफ करते हुए कहा " वैसे तुम्हारा बॉय फ्रेंड काफी टेलेंटेड है, उसने किस तरह से तुम्हे अकेले घर से रवाना किया, नई सिम और मोबाइल दिया, तीन ट्रेन बदलवाई.. ताकि कोई ट्रेक ना कर सके, वेरी टेलेंटेड पर्सन"

लड़की ने हामी भरी,बोली " बोली बहुत टेलेंटेड है वो, उसके जैसा कोई नहीं"

मैंने उसे बताया कि "मेरी शादी को 5 साल हुए हैं, एक बेटी है 2 साल की, ये देखो उसकी तस्वीर"

मेरे फोन पर बच्ची की तस्वीर देखकर उसके मुंह से निकल गया "सो क्यूट"

मैंने उसे बताया कि "ये जब पैदा हुई, तब मैं कुवैत में था, एक पेट्रो कम्पनी में बहुत अच्छी जॉब थी मेरी, बहुत अच्छी सेलेरी थी.. फिर कुछ महीनों बाद मैंने वो जॉब छोड़ दी, और अपने ही कस्बे में काम करने लगा।"

लड़की ने पूछा जॉब क्यों छोड़ी??

मैंने कहा "बच्ची को पहली बार गोद में उठाया तो ऐसा लगा जैसे जन्नत मेरे हाथों में है, 30 दिन की छुट्टी पर घर आया था, वापस जाना था लेकिन जा ना सका। इधर बच्ची का बचपन खर्च होता रहे उधर मैं पूरी दुनिया कमा लूं, तब भी घाटे का सौदा है। मेरी दो टके की नौकरी, बचपन उसका लाखों का.."

उसने पूछा "क्या बीवी बच्चों को साथ नहीं ले जा सकते थे वहाँ?"

मैंने कहा "काफी टेक्निकल मामलों से गुजरकर एक लंबी अवधि के बाद रख सकते हैं, उस वक्त ये मुमकिन नहीं था.. मुझे दोनों में से एक को चुनना था, आलीशान रहन सहन के साथ नौकरी या परिवार.. मैंने परिवार चुना अपनी बेटी को बड़ा होते देखने के लिए। मैं कुवैत वापस गया था, लेकिन अपना इस्तीफा देकर लौट आया।"

लड़की ने कहा "वेरी इम्प्रेसिव"

मैं मुस्कुराकर खिड़की की तरफ देखने लगा

लड़की ने पूछा "अच्छा आपने तो लव मैरिज की थी न,फिर आप भागकर कहाँ गए?? कैसे रहे और कैसे गुजरा वो वक्त??

उसके हर सवाल और हर बात में मुझे महसूस हो रहा था कि ये लड़की लकड़पन के शिखर पर है, बिल्कुल नासमझ और मासूम।

मैंने उसे बताया कि हमने भागकर शादी नहीं की, और ये भी है कि उसके पापा ने मुझे पहली नजर में सख्ती से रिजेक्ट कर दिया था।"

उन्होंने आपको रिजेक्ट क्यों किया?? लड़की ने पूछा

मैंने कहा "रिजेक्ट करने की कुछ भी वजूहात हो सकती है, मेरी जाति, मेरा धर्म, मेरा कुल कबीला घर परिवार नस्ल या नक्षत्र..इन्ही में से कोई काट होती है जिसके इस्तेमाल से जुड़ते हुए रिश्तों की डोर को काटा जा सकता है"

"बिल्कुल सही", लड़की ने सहमति दर्ज कराई और आगे पूछा "फिर आपने क्या किया?"

मैंने कहा "मैंने कुछ नहीं किया,उसके पिता ने रिजेक्ट कर दिया वहीं से मैंने अपने बारे में अलग से सोचना शुरू कर दिया था। खुशबू ने मुझे कहा कि भाग चलते हैं, मेरी वाइफ का नाम खुशबू है..मैंने दो टूक मना कर दिया। वो दो दिन तक लगातार जोर देती रही, कि भाग चलते हैं। मैं मना करता रहा.. मैंने उसे समझाया कि "भागने वाले जोड़े में लड़के की इज़्ज़त वकार पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता, जबकि लड़की का पूरा कुल धुल जाता है।

फिल्मों में नायक ही होता है जो अपनी प्रेमिका को भगा ले जाए और वास्तविक जीवन में भी प्रेमिका को भगाकर शादी करने वाला नायक ही माना जाता है। लड़की भगाने वाले लड़के के दोस्तों में उस लड़के का दर्जा बुलन्द हो जाता है, भगाने वाला लड़का हीरो माना जाता है लेकिन इसके विपरीत जो लड़की प्रेमी संग भाग रही है वो कुल्टा कहलाती है, मुहल्ले के लड़के उसे चालू ठीकरा कहते हैं। बुराइयों के तमाम शब्दकोष लड़की के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। भागने वाली लड़की आगे चलकर 60 साल की वृद्धा भी हो जाएगी तब भी जवानी में किये उस कांड का कलंक उसके माथे पर से नहीं मिटता।

मैं मानता हूँ कि लड़का लड़की को तौलने का ये दोहरा मापदंड गलत है, लेकिन है तो सही.. ये नजरिया गलत है मगर अस्तित्व में है, लोगों के अवचेतन में भागने वाली लड़की की भद्दी तस्वीर होती है। मैं तुम्हारी पीठ को छलनी करके सुखी नहीं रह सकता, तुम्हारे माँ बाप को दुखी करके अपनी ख्वाहिशें पूरी नहीं कर सकता।"

वो अपने नीचे का होंठ दांतो तले पीसने लगी, उसने पानी की बोतल का ढक्कन खोलकर एक घूंट अंदर सरकाया।

मैंने कहा अगर मैं उस दिन उसे भगा ले जाता तो उसकी माँ तो शायद कई दिनों तक पानी भी ना पीती। इसलिए मेरी हिम्मत ना हुई कि ऐसा काम करूँ.. मैं जिससे प्रेम करूँ उसके माँ बाप मेरे माँ बाप के समान ही है। चाहे शादी ना हो, तो ना हो।

कुछ पल के लिए वो सोच में पड़ गई , लेकिन मेरे बारे में और अधिक जानना चाहती थी, उसने पूछा "फिर आपकी शादी कैसे हुई???

मैंने बताया कि " खुशबू की सगाई कहीं और कर दी गई थी। धीरे धीरे सबकुछ नॉर्मल होने लगा था। खुशबू और उसके मंगेतर की बातें भी होने लगी थी फोन पर, लेकिन जैसे जैसे शादी नजदीक आने लगी, उन लोगों की डिमांड बढ़ने लगी"

डिमांड मतलब 'लड़की ने पूछा'

डिमांड का एक ही मतलब होता है, दहेज की डिमांड। परिवार में सबको सोने से बने तोहफे दो, दूल्हे को लग्जरी कार चाहिए, सास और ननद को नेकलेस दो वगैरह वगैरह, बोले हमारे यहाँ रीत है। लड़का भी इस रीत की अदायगी का पक्षधर था। वो सगाई मैंने येन केन प्रकरेण तुड़वा डाली.. फिर किसी तरह घरवालों को समझा बुझा कर मैं फ्रंट पर आ गया और हमारी शादी हो गई। ये सब किस्मत की बात थी..

लड़की बोली "चलो अच्छा हुआ आप मिल गए, वरना वो गलत लोगों में फंस जाती"

मैंने कहा "जरूरी नहीं कि माँ पापा का फैसला हमेशा सही हो, और ये भी जरूरी नहीं कि प्रेमी जोड़े की पसन्द सही हो.. दोनों में से कोई भी गलत या सही हो सकता है.. नुक्ते की बात यहाँ ये है कि कौन ज्यादा फरमाबरदार और वफादार है।"

लड़की ने फिर से पानी का घूंट लिया और मैंने भी.. लड़की ने तर्क दिया कि "हमारा फैसला गलत हो जाए तो कोई बात नहीं, उन्हें ग्लानि नहीं होनी चाहिए"

मैंने कहा "फैसला ऐसा हो जो दोनों का हो, औलाद और माता पिता दोनों की सहमति, वो सबसे सही है। बुरा मत मानना मैं कहना चाहूंगा कि तुम्हारा फैसला तुम दोनों का है, जिसमे तुम्हारे पेरेंट्स शामिल नहीं है, ना ही तुम्हे इश्क का असली मतलब पता है अभी"

उसने पूछा "क्या है इश्क़ का सही अर्थ?"

मैंने कहा "तुम इश्क में हो, तुम अपना सबकुछ छोड़कर चली आई ये इश्क़ है, तुमने अक़्ल का दखल नहीं दिया ये इश्क है, नफा नुकसान नहीं सोचा ये इश्क है...तुम्हारा दिमाग़ दुनियादारी के फितूर से बिल्कुल खाली था, उस खाली स्पेस में इश्क इनस्टॉल कर दिया गया। जिसने इश्क को इनस्टॉल किया वो इश्क में नहीं है.. यानि तुम जिसके साथ जा रही हो वो इश्क में नहीं, बल्कि होशियारी हीरोगिरी में है। जो इश्क में होता है वो इतनी प्लानिंग नहीं कर पाता है, तीन ट्रेनें नहीं बदलवा पाता है, उसका दिमाग इतना काम ही नहीं कर पाता.. कोई कहे मैं आशिक हुँ, और वो शातिर भी हो ये नामुमकिन है। मजनू इश्क में पागल हो गया था, लोग पत्थर मारते थे उसे, इश्क में उसकी पहचान तक मिट गई।

Buy Now 
shoe



उसे दुनिया मजून के नाम से जानती है जबकि उसका असली नाम कैस था जो नहीं इस्तेमाल किया जाता। वो शातिर होता तो कैस से मजनू ना बन पाता। फरहाद ने शीरीं के लिए पहाड़ों को खोदकर नहर निकाल डाली थी और उसी नहर में उसका लहू बहा था, वो इश्क़ था। इश्क़ में कोई फकीर हो गया, कोई जोगी हो गया, किसी मांझी ने पहाड़ तोड़कर रास्ता निकाल लिया..किसी ने अतिरिक्त दिमाग़ नहीं लगाया.. लालच हिर्स और हासिल करने का नाम इश्क़ नहीं है.. इश्क समर्पण करने को कहते हैं जिसमें इंसान सबसे पहले खुद का समर्पण करता है, जैसे तुमने किया, लेकिन तुम्हारा समर्पण हासिल करने के लिए था, यानि तुम्हारे इश्क में हिर्स की मिलावट हो गई । डॉ इकबाल का शेर है,अक़्ल अय्यार है सौ भेष बदल लेती है
इश्क बेचारा ना मुल्ला है, ना ज़ाहिद, ना हकीम"

लकड़ी अचानक से खो सी गई.. उसकी खिलख़िलाहट और लपड़ापन एकदम से खमोशी में बदल गया.. मुझे लगा मैं कुछ ज्यादा बोल गया, फिर भी मैंने जारी रखा, मैंने कहा " प्यार तुम्हारे पापा तुमसे करते हैं, कुछ दिनों बाद उनका वजन आधा हो जाएगा, तुम्हारी माँ कई दिनों तक खाना नहीं खाएगी ना पानी पियेगी.. जबकि आपको अपने प्रेमी को आजमा कर देख लेना था, ना तो उसकी सेहत पर फर्क पड़ता, ना दिमाग़ पर, वो अक्लमंद है, अपने लिए अच्छा सोच लेता। आजकल गली मोहल्ले के हर तीसरे लौंडे लपाडे को जो इश्क हो जाता है, वो इश्क नहीं है, वो सिनेमा जैसा कुछ है। एक तरह की स्टंटबाजी, डेरिंग, अलग कुछ करने का फितूर..और कुछ नहीं।

लड़की का चेहरे का रंग बदल गया, ऐसा लग रहा था वो अब यहाँ नहीं है, उसका दिमाग़ किसी अतीत में टहलने निकल गया है। मैं अपने फोन को स्क्रॉल करने लगा.. लेकिन मन की इंद्री उसकी तरफ थी।

थोड़ी ही देर में उसका और मेरा स्टेशन आ गया.. बात कहाँ से निकली थी और कहाँ पहुँच गई.. उसके मोबाइल पर मैसेज टोन बजी, देखा, सिम एक्टिवेट हो चुकी थी.. उसने चुपचाप बैग में से आगे का टिकट निकाला और फाड़ दिया.. मुझे कहा एक कॉल करना है, मैंने मोबाइल दिया.. उसने नम्बर डायल करके कहा "सोरी पापा, और सिसक सिसक कर रोने लगी, सामने से पापा फोन पर बेटी को संभालने की कोशिश करने लगे.. उसने कहा पापा आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए मैं घर आ रही हूँ..दोनों तरफ से भावनाओ का सागर उमड़ पड़ा"

हम ट्रेन से उतरे, उसने फिर से पिन मांगी, मैंने पिन दी.. उसने मोबाइल से सिम निकालकर तोड़ दी और पिन मुझे वापस कर दी।

इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा फैलाइए ताकि किसी ना किसी को कुछ समझ आ जाए और आसपास में कुछ ऐसा घटता दिखे उसको रोका जाए, समाज में फैल रही गुमराही और इस तरह के घटनाक्रम को रोकने के लिए जमीनी तौर पर आगे आइए। पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा कॉपी पेस्ट शेयर करें।

मेरी💞प्यारी बहन,sister ke kahani ,bhen ke kahni ,sister love ,love with sister ,sister gussa ,love with sister


पोस्ट को जरूर शेयर करे|

ज्यादा पोस्ट के लिऐ Click करे?


...... ✍✍✍ अनिल हटरिया........

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

माँ🤰की एक 😥दुखभरी 😭काहानी

                        एक माॕ की एक दुखभरी काहानी 😥😥                         🤜🤙👊  ये काहानी आँखो मेआसूं ला देगी|यदि दम हे तो अंत तक पढना और अचछी लगेतो  कामेंट करे| एक महिला थी |वो अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करा करती थी |कुछ दिन बाद उसके पति की तबीयत खराब हो गई|उसका पति कुछ दिन बाद गुजर गये|अब उसकी जिंदगी एक दम अकेले हो गई| get one free on three soap click here for shop now: कुछ दिनो बाद उसके एक लडका हुआ|वो भी बहुत सुन्दर | अभी वो उसके साथ अचछा समय व्यतीत करती थी| बहुत खुश थी|अचछी तरह से समय गुजार रही थी| अचानक उस बच्चे की तबीयत खराब हो गई| डाकटर ने उसको  सीरियस बताया| बाद मे उसने अपने बचचे को ठीक करवा दिया| परमात्मा की दया से अब वो अचछी तरह से ठीक हो गया| अब उसका बचचा अचछी तरह से हिलना डुलना शुरु हो गया|अब उसकी मां स्कूल मे बच्चे को भेजना शुरू कर  दिया|कुछ दिन स्कूल मे गया |अब फिर...

पापा की उम्मीद ,मेरा कंधे पर मेरा बेटा |

पापा की उम्मीद ,मेरा कंधे पर मेरा बेटा | हर मां बाप अपनी औलाद को इतने लाड प्यार से बडा करते है| हर शौक अपने साथ पूरा करते है|    नजर एक जगह से दूसरी जगह जाती है  उसकी नजर भी हमारे उपर रहती है|   मां बाप हमारे सबसे बडे भगवान है|  आज इस काहानी मे आज मेरे पापा की उम्मीद ,सोच व लगन पर कलम लिखता हू,    पापा औ मेरे पापा ?? जब मे बचपन मे था |कया कया उममीदे जागा करती थी|   बोला करते  थे हमेशा कंधे  पर पड के ,,,, पापा ,कंधा तोड दिया चल नीचे पड😁😁,   अब मेरा बेटा मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा | जब कंधे पर खडा हो गया | ओर मुझे कहने लगा | देखो पापा, मे तुमसे बडा हो गया |    कया मजाक ओर कया हंसी थी | मेरे पापा ने मुझे कहा | बेटा इस खुबशुरत गलतफहमि को भले ही जकडे रखना|   मगर मेरा बेटा मेरा हाथ पकडे रखना|  जिस दिन ये हाथ छुट जाऐगा | उस दिन बेटा तेरा ये रंगीन सपना भी पूरा हो जाऐगा|    अब मेरे पापा मेरे को मुझे समझाते है|  दुनिया वासतव मे उतनी हसीन नही|  देख बेटा ये रंगीन सपना...

"भाई की शादी "मे 'बहन का जलवा'

 "भाई की शादी "मे 'बहन का जलवा'     शादी तो लाखो देखते है पर एक बहन को जोश तब ही आता है जब वह बोलती है भाई की शादी मे देखना मुझे  😛🙄      बहन की इस काहानी मे , मै आपको बताऊगा की एक बहन कया कया सोचती है उसके भाई की शादी मे ||      चलो आरम्भ करते है |   बहन , बचपन से बहुत अच्छा साथी होती है उसके भाई के बारे मे वह सब कुछ जानती है || Click Here To Buy   ओर सब अच्छे बुरे के बारे मे जानती है की भाई को कैसे स़ंभाला जाता है|    एक बहन अपने भाई के बारे मे ये बहुत सोचती है कि किस दिन मे अपने भाई के लिए एक सुंदरी ढूंढूगी |   और किस दिन वो समय आऐगा | जब मे भाई की शादी मे जाऊगी |     भाई के शादी मे बस दिखता है तो बस एक ही दिखता है तो वो है  भाई की बहन ||    सब से अलग दिखने के लिए बहन अपने भाई से बोलकर   सबसे अच्छी डै्स खरीदती है और बौलती है देखना मुझे मे सबसे अलग ही दिखूगी || टशन से चलूंगी |  मेरा फोटू सबसे बढिया आऐगा और सभी देखेगे |सभी भाई देखना फोटू खिचवाने आऐगे की हमारी ...

बचपन के वो दिन और वो बचपन के यार कहाँ गये ! बचपन के वो दिन पता नही कहाँ चले गये , मस्ती भर रहते थे वो यार कहाँ चले गये | बिना मिलावट के थे वो यार कहाँ चले गये , बचपन के दिन अपने हाथ से केसे निकल गये

 बचपन के वो दिन और वो बचपन के यार कहाँ गये ! बचपन के वो दिन पता नही  कहाँ चले गये , मस्ती भर रहते थे वो यार कहाँ चले गये | बिना  मिलावट के थे वो यार कहाँ चले गये , बचपन के दिन अपने हाथ से केसे निकल गये , रहते थे दिन भर मस्त , ना था चवन्नी -अठन्नी हाथ में , फिर भी खुशी की लहर थी , पता नही बचपन के यार वो कहा चले गये , बचकनी यादे कहाँ बीत गई || दिन थे मजे के , और फ्री वाले यार कहाँ चले गये | रहते थे खुश अपनी ही जिंदगी में , ना फालतू लोगो से लगाव था , ना अपने घर में  किसी से बैर था , सुबह उठ जाते थे , बस एक चाय के कप से , ताकत थी उस मां के लाड में , पर वो दिन पता नही कहाँ चले गये , दोडते दोडते घर आते थे , मां- मा कहकर गोद में बैठ जाते थे | फिर उठकर घर से भाग जाते थे , पता नही वो बचपन के दिन कहाँ चले गये | पता नही वो बचपन के यार कहाँ चले गये || स्कूलों में घंटी बजती थी टन टन , तब कापती थी धडकन सबकी , कब स्कूल की छूटटी वाली घंटी बजेगी , याद रहती थी , बचपन में वो मास्टर की मार , कापता था मेरा भी वो जिगरी यार  जब कापी चैक होती थी उसकी बार बार  || पर पता नही अब वो य...

भाई बहन का प्यार ये कलाई का बंधन (रक्षाबंधन)आपके नाम ||

भाई बहन का प्यार ये कलाई का बंधन (रक्षाबंधन)आपके नाम ||  रक्षाबंधन🙅 चलो इसको मे अपनी काहानी से मिलाकर आपको बताऊगा|          हर भाई बहन को एक त्योहार बनाना पडता है| और ये है हमारा रक्षाबंधन !!! रक्षाबंधन कयो बनाया जाताहै कया  आपको पता है| चलो नही पता तो आप अपनी बहन से पूछना कयोकि आपको अपने से जयादा आपकी बहन को पता होगा आपके बारे में,  भाई बहन का ये त्योहार भाई बहन के प्यार का बंधन!!!   हर एक साल मे ये त्योहार आता है जिस दिन बहन को इंतजार रहता है|    कि आज मे  टिका करुगी भाई को ओर कलाई पर राखी बांधुगी || भाई को लडडू खिलाऊगी| पर भाई बहन से इतना  बोलता है आज मे खेत जा रहा हू या कोई ओर काम करने को बोलता रहेगा ओर आऐगा नही जल्दी | पर बहन बोलती हे जल्दी आ जाना है आज रक्षाबंधन है पर भाई भी इतने अच्छे  होते है वो ना चाहकर भी बहन को सुनाते है ताकि बहन बोले ? जल्दी आना | जल्दी आना |   भाई फिर आ भी गया तो वो जल्दी से तैयार नही होगा| कयोकि वो भाई, बहन से फटकार सुनना चाहता है|   ...

बहन की 😭विदाई 😓😭

  बहन की 😭विदाई 😓😭   बहन बहुत याद आती है जब मैने अपने हाथ से तेरा हाथ  दुसरे के हाथो मे पकडा दिया |  बस एक बात सोचकर की मेरी बहन खुश रहेगी और कोई कभी दुख नहीं देखेगी |        बहन की शादी से पहले मे ये बोलता था कि मै नही रोऊगा , नही शादी मे ,आखिर कयो वो दिन  कयो आ जाता है | कि एक कदम और एक सांस तक नही बोली जाती |     बहन  बस अब वो दिन ही याद आता है कि आपको अपने घर से जब स्टेज तक चार भाई आपको किसी के हवाले कर देते है |       आप कैसे चल रहे थे  ये तो पता नही पर मेरे पाव आगे नही फट रहे थे| और 20 कदम चलना इतना मुशिकल था | जैसे कि हम कहा और किस रास्ते पर जा रहै है |       जब हमने अपनी बहन को किसी के हाथ मे हाथ रखवाकर उनको स्टेज पर बिठा दिया | ये नही पता था कि वो कैसे होगे और किस तरह के होगे | पर कैसे रहेगी मेरी बहन 😥|       बहन जब वो मंडप पर सात चक्कर लगवाना तब तब ये लगता था कि कितना सच करेगे और कितने सच रहेगी|     बहन एक  वो जब पडिंत के दवारा चार वर को मनवाना ...

तू मेरे लिऐ कोशिश मत कर |||

 तू मेरे लिऐ कोशिश मत कर ||| तू मत कर कोशिश , तू मत कर  मुझे तोडने की कोशिश | जिंदा हूँ बस मुझे संभालने की कोशिश ना कर , कहाँ हु ये पूछने की कोशिश मत कर | बस जिंदा हूँ मुझे देखने की कोशिश मत कर | शहर के हर कोने घूमा हू  शहर की बाते मुझे समझाने की कोशिश ना कर , आदमी हूँ मुझे बुझाने की कोशिश मत कर, औरत के  हर रंग जानता हूँ मुझे तोडने की कोशिश मत कर, आड लगा ले जहाँ तक तुझे लगानी है , तू भूल बैठी ये मर्द कौन है | तू कोशिश मत कर , अहंकार की परिभाषा मत समझा | BUY NOW 🤛 गिराने की कोशिश तो लोगों ने भी की थी | पर गिरते हुऐ को अब तुम समझाने की कोशिश मत कर , मात्र दस रूपये में सफर किया है घर से कोच्ची तक , अब मुझे सफर में हमसफर वाला झूठा हुआ  साथ मत देख | मर्द तुने देखे होगे बहुत , पर मेरे जैसे मर्द को तू दोबारा मत देख || आखे लाल देखकर ये  मत सोच , कि रोया होगा , हालात के साथ चल के ये कोई बिना सोया होगा || प्यार एक को देते है ,इतना सस्ता नही एक मर्द का प्यार , वो झूठा वादा ना करने की कोशिश कर || तू एक बडी समझदार है मानता हू , पर तू मुझे जानने की कोशिश मत कर , चार दीव...

बहन की वे तीन बाते जो मुझे आज भी मोटिवेट करती है|

  बहन की वे तीन बाते जो मुझे आज भी मोटिवेट करती है| नमस्कार मेरे  दोस्तो ,              आज की इस काहानी मे ,मै आपको मेरी प्यारी बहने के  बारे मे बताऊगा | जो कि हर वकत उन बातो से बहुत साहस देती थी | बहन तो वास्तव मे वो इसांन है जिसको अपने से पहले अपने भाई का इंतज़ार रहता है |          भाई कया रह है |        भाई पढ रहा है या नही |        भाई कहां जा रहा है |         भाई कब आऐगा वापिस ??   ये इतने सारे प्रशन  एक बहन के दिमाग मे घूमते रहते है | बहन आके पूछेगी ईतना लेट कयू कब से इंतज़ार कर रहे है |       पहले कयू नही चला ये प्रशन बहन को जरूर बोलना|   बहन के सामने मुँह नीचे करके भाई कुछ ना बौले ओर जल्दी से अपने कमरे मे चला जाना|        भाई ज्यादा समझदार बनता है जब बहन उसको फटकार लगाती है |     बहन है तो भाई अच्छा रहेगा| हर भले बुरे के बारे मे बताऐगी |    चलो जो कामयाबी भाई ने की हो...

मां🤰 की गोद

मां की गोद  एक ही भगवान एक मेरा ||| मेरी मां🤰    हर जन्म मेरा प्यार मेरी मां कहती है| एक मा अपने बेटे के लिए कया करने को तैयार नही रहती है| हर जन्म से मरन तक वो बेटे का मान रखती है|    पर बेटे भी मां का इतना ख्याल रखते है  कि वो मां की गोद मे रहते हे|   मां की गोद मेरे लिये भगवान का रूप है|| कया बताऊ मां की गोद मे वो कया जननत है कि मे एक मिनट इधर उधर हुऊ ऐसा लगता है कि मे कहा आ गया |ऐ भगवान ये कौन सा रुप है |    मां सच बताऊ तो जब भी तुम गायब हो जाती हो जिंदगी सूनी सूनी लगती है|    क ई. बार बोल चूका हू ऐ मां जब भी कही जाती हो मुझे जरुर ले जाना| Buy Now    पर मां कया कब तक आप अपने पास रखोगी|      एक दिन आप मुझको अलग करोगी| पर मां मे केसे रहूंगा |   मां, मेरे को गोद से अलग होना ऐसा लगता हे कि कहा चलेगई हो|    मां की गोद मे मुझे वो जिंदगी के एक दो साल वाला जीवन याद आ जाता है|    मां मुझे अपनी गोद मे रख!!!!  क ई बार मे अपनी  मा को बोल चूका हूं मुझे अपनी जिंद...

दिल है छोटा सा छोटी सी आशा | मस्ती भरे मन की भोली सी आशा |

  दिल है छोटा सा छोटी सी आशा  दिल है छोटा सा छोटी सी आशा |  मस्ती भरे मन की भोली सी आशा | चांद तारों को छूने की आशा | आसमानों में उड़ने की आशा | दिल है छोटा सा छोटी सी आशा | मस्ती भरे मन की भोली सी आशा | चांद तारों को छूने की आशा  आसमानों में उड़ने की आशा ||   Buy Now .  दिल है छोटा सा छोटी सी आशा  महक जाऊं मैं आज तो ऐसे , फूल बगिया में महके है जैसे  | जैसे बादलों की ओढ़ चुनरिया , झूम जाऊं मैं बनके बावरिया | अपनी चोटी में बांध लूं ,दुनिया  दिल है छोटा सा छोटी सी आशा|  मस्ती भरे मन की भोली सी आशा | चांद तारों को छूने की आशा | आसमानों में उड़ने की आशा दिल है|  छोटा सा छोटी सी आशा | मस्ती भरे मन की भोली सी आशा | रंग रंग के मैं संवर जाऊं,  चांद तारों की तरह सजग  जाऊं | इस छोटी सी भोली मस्ती में मगन हो जाऊ, दिल करे मैं  मैं कुछ कर जाऊं  यही है जीवन की एक छोटी सी आशा  || स्वर्ग सी धरती खेल रही जैसे,  मेरा मन भी तो खिल रहा  वैसे  कोयल की तरह गाने का अरमां,   मछली की तरह मचलूं ये अरमां ...