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तू एक मर्द है | हंसना भी है हंसाना भी आपको ही है | कयोकि तू एक मर्द है |

 तू एक मर्द है ||

चिल्ला जितना चील्ला सकता है !

अपने कमरे के अंदर 

कयोकि , तू एक मर्द है !

बाहर जाकर मत रो , कयोकि

यहां के  सभी लोग  बेदर्द है |

कब तक घबराऐगगा ,

तू एक मर्द है |  हंसना भी है हंसाना भी आपको ही है |   कयोकि तू एक मर्द है |


हिम्मत रख यहाँ अभी सभी के हौसले बुलंद है |

तू कमजोर मत हो तू भी एक मर्द है |

घर चलाना है समस्या को भी सुलझाना है  |

मां बाप को भी विदेश घुमाना है |

मत थक अभी , तू एक मर्द है |

भूल मत तेरे होसले अभी तो 

जिदंगी पटरी पे आयी है |

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हौसले बुलंद रख तू कयोकि तू भी तो एक मर्द है |

कमाना भी तुझे है घर को सजाना भी तुझे है |

लोग आंख मिचौली खेलगे , तेरे साथ ,

तुझे भी  छुपना है और परिवार को भी छिपाना है |

मत  झुक किसी के सामने अभी तो तू जिंदा है ,

औरत थोडी ही है तू तो एक  मर्द है |

कोशिश रख अपनी तरक्की कर कयोकि 

आपको झुकाने के लिऐ आपके ही आदमी 

अनेक है |

life ak h fir itna ku gamandd h life khul ke jio wo he ak pal h love


तू मत झूक अभी ,तू मत रूक अभी ,तू मत थक अभी ही 

कयोकि थकाने के लिऐ रिशतेदार और पडोसी ही बहुत है |

अपने कर्म करता रह , कर्म के साथ धर्म करता रह ||

कयोकि तू एक मर्द है |

धर्म के साथ घर को भी संवारना है |

हुऐ अनेको गुलाम इस घरती पर ,

अब सब को एक ही  राह पर चलाना है ||

तू एक मर्द है अभी तो घर के साथ साथ 

अपने देश को भी उपर उठाना है |

तू एक मर्द है |

ताकत रख उठा ले भाल इस गिरी हुई ज़मीर की ,

खडा होजा मेरे साथ अभी तो अपने साथ ,

वरना यहाँ सब , एक जैसे है |

मत रूक मेरे दोस्त तू एक मर्द है |

मत झूक तू एक मर्द है |

कौन कहाँ से आया ,कौन कहाँ पर गया |

किसी को ना तेरी  फिक्र है |

तू घर की वो जड है जो हमेशा 

पेड को हरी भरी रखती है |

तू घर का वो खून है जिससे वो 

हर कोई घबराता है ||

तू एक मर्द है |

तू दौड , तू भाग कयौकि तुझे जीतना जरूरी है |

तू संभाल , अपने आप को फिर तुझे 

परिवार को भी संभालना भी बाकी है |

कयोकि तू एक मर्द है |

हंसना भी है हंसाना भी आपको ही है | 

कयोकि तू एक मर्द है |

कयोकि तू एक मर्द है ||




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सहयोगकर्ता - मेरा बेटा 💗हिमांशु हटरिया रसगुल्ला , मेरा भानजा लाडू  💓भविष्य चौहान & मेरी भानजी 💞 लाडली जानवी चौहान



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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया


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