सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अधायपक और इम्तिहान



                       अध्यापक व जिंदगी मे फर्क
अधायपक और इम्तिहान,कलाश मे अधायपक,स्कूल के वो भगवान ?,teacher ,टीचर ,guru ji ,school guru,respected teacher,school teacher ,teacher in school,पाठशाला,स्कूल,student and techer ,classrooom student,

अधायपक और इम्तिहान 
  
काश हर कोई ना कोई स्कूल गये होगे|
  पर हर कलाश मे अधायपक का डर होगा|
कयू ऐसे भाई !!!!
   अधयापक ???
  भाई एक बात बता दू कि जो अधायपक आपको सीखाता हे वो कोई ओर नही बताते|
जैसे हर माँ बाप जो शिक्षा आपको देते हे वो कही ओर आपको नही सीखाता||
  अधयापक ही ऐसा गुरु हे जो हमे इमतिहान सीखाता है|
हमे अपने गुरु का सम्मान रखना चहिऐ|
अधायपक और इम्तिहान,कलाश मे अधायपक,स्कूल के वो भगवान ?,teacher ,टीचर ,guru ji ,school guru,respected teacher,school teacher ,teacher in school,पाठशाला,स्कूल,student and techer ,classrooom student,classroom student,
  हर अधयापक का कृत्यव बनता है कि वो अपने शिशय को अचछी शिक्षा दे ताकि वो भविष्य मे कुछ बन सके |
हर अधयापक अपने चेले को इमतिहान ले |
  अधयापक एक ऐसा गुरु है जो आपके बचपन मे कलम पकडना सीखाता है|

 ये ही ये खुद परीक्षा लेता है ओर खुद ही रिजल्ट देता है|
ये ही अपने टाईम मे अचछे से अचछे तरीके सीखाता है|
कयोकि ये अपने टाईम मे सब कुछ देख चुका होता है|
  वो भी खुद अलग अलग जगह ठोकरे खाके आपको अपने करियर तक ले जाता है|
   आज चाहे कोई भी कुछ भी बने हो जैसे डीसी , एसपी, आफिसर, सेना ,वो चाहे ओर कुछ अलग नौकरी मे सब ना सब अधयापक के दम पर है |
   कयोकि वो ही  एक है जो आपको इमतिहान लेना सीखाता है|
 अधयापक चाहे कैसा भी हो आपको अपने अधायपक का  कभी भला बुरा सोचना नही चहिऐ| 
  कई  बच्चे कभी अपने अधयापक से इगडा कर लेते है 
कया से डूब के मर जाओ||
 कई  बचचे उसकी गाडी व वहीकल को नुकसान पहुँचाते है|
कया ये सही है|
  एक बात बता दू अधयापक अपने आप मे सबको कुछ समान  शिक्षा देते है| पर बच्चे कयो ऐसे करते है|
   बच्चो को अपने गुरु के पावं छू के नमस्कार करना चहिऐ|
आप भले ही कितने एंडवास हो जाओ पर ये संस्कार कही नही मिलेगा|
  पराथना कयू कराई जाती हे 
ताकि सफल शिक्षा ग्रहण हो||||
अधयापक आपको इतने अच्छे अच्छे तरीके सीखाता है जो कभी भी नही आपको पता चलेगा |
   अत: एक बात बताऊ अधयापक वो भगवान है जो आपके हरेक मोड पे खडा मिलेगा 
..
स्कूल के वो भगवान ??
  हर कोने कोने तक,,
  इसलिए आप अपने गुरु की इज्जत को कभी ना गिरने दे|
  मेरे भगवान 
मेरे पयारे अधयापक !!
   

..
  संस्कार भी अलग अलग होता है|
अत: याद रखे ,,
    
यदि आपको ये पोस्ट अचछा लगा तो शेयर जरूर किजिऐ|




_______ अनिल हटरिया__________
  



मेरी सारी पोस्ट पढने के लिये Click करे!

                  पोस्ट को जरूर शेयर करे|




             ...... ✍✍✍ अनिल हटरिया......

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चंचल सा चेहरा तेरा , निखरती है आंखो की पलके तेरी , बेटी है तू मेरी -हिमांशी 😘😘

 चंचल सा चेहरा तेरा , निखरती है आंखो की पलके तेरी , बेटी है तू मेरी ,बेटी  है तू मेरी  सुबह उठ जाती है , अपने आप , चल पडती है आने को मेरे पास , लाडली है तू मेरी , छोटी सी जान है मेरी , राह की निहारती है नजर तेरी , हंसती हुई हिंमाशी तू बहुत अच्छी लगती है | गालो की थोडी सी मलाई मुझे दे दे | कभी तू भी मेरे दुख को भुला दे . चंचल सा चेहरा तेरा , निखरती है आंखो की पलके तेरी , मुझे थोडा सा प्यार की घूंट पिला दे | जब दर्द लगे तो मुझे बुला ले , औ मेरी नन्ही ही सी हिंमाशी   मुझे डांस कर के दिखा दे, आया हू तेरे जन्मदिन पर भी  मुझे भी तेरी तीन मोमबत्ती बुझाने दे | मुझे भी तीन मोमबत्ती बुझाने दे | चल पडा हू अब तुझे छोड के  मुझे आज डयूटी पर जाने दे | हो गई छूटटी पूरी अब तो  मुझे भी अपनी फौज की नौकरी में जाने दे | Buy Now याद तो आऐगी तेरी बेटी , पर तू खुशी से अपना जन्मदिन मना लेना | औ मेरी हिमांशी तू अब जल्दी सी  बडी हौजा | पढ लिख कर कुछ अपना करने कोशिश कर , चंचल सा चेहरा तेरा , निखरती है आंखो की पलके तेरी , महकती है गर्भ वाली महक तेरी , तंगा रखे है कपडे ...

"भाई की शादी "मे 'बहन का जलवा'

 "भाई की शादी "मे 'बहन का जलवा'     शादी तो लाखो देखते है पर एक बहन को जोश तब ही आता है जब वह बोलती है भाई की शादी मे देखना मुझे  😛🙄      बहन की इस काहानी मे , मै आपको बताऊगा की एक बहन कया कया सोचती है उसके भाई की शादी मे ||      चलो आरम्भ करते है |   बहन , बचपन से बहुत अच्छा साथी होती है उसके भाई के बारे मे वह सब कुछ जानती है || Click Here To Buy   ओर सब अच्छे बुरे के बारे मे जानती है की भाई को कैसे स़ंभाला जाता है|    एक बहन अपने भाई के बारे मे ये बहुत सोचती है कि किस दिन मे अपने भाई के लिए एक सुंदरी ढूंढूगी |   और किस दिन वो समय आऐगा | जब मे भाई की शादी मे जाऊगी |     भाई के शादी मे बस दिखता है तो बस एक ही दिखता है तो वो है  भाई की बहन ||    सब से अलग दिखने के लिए बहन अपने भाई से बोलकर   सबसे अच्छी डै्स खरीदती है और बौलती है देखना मुझे मे सबसे अलग ही दिखूगी || टशन से चलूंगी |  मेरा फोटू सबसे बढिया आऐगा और सभी देखेगे |सभी भाई देखना फोटू खिचवाने आऐगे की हमारी ...

एक पुरूष थकता नही | एक पुरूष थकता नही है | उसे थकाया जाता है | वो हारता नही पर उसे हराया जाता है |

 एक पुरूष थकता नही | एक पुरूष थकता नही है | उसे थकाया जाता है | वो हारता नही पर उसे हराया जाता है | वो रोता नही है पर रूलाया जाता है | तू एक मर्द है ये कहकर चुप कराया जाता है | घर की सारी जिम्मेदारी दिया जाता है | एक आंसू कया टपका दो किसी के पास , औरत है कया तू ये कहा जाता है | एक मर्द है तू ये समझाया जाता है | सब जिम्मेदारी का एहसास दिलाया जाता है | कमाना भी तू तुझे है | घर भी तुझे ही चलाना है | ये कहकर एक मर्द को हराया जाता है | एक पुरूष थकता नही है , पर फिर भी उसे थकाया जाता है | तुझे पढकर आगे जाना है | कही कलम की नौकरी तो कही मजदूरी करवाया जाता है | एक मर्द थकता नही , पर फिर भी परिवार के तानो से थकाया जाता है | ये तो सब देखा हुआ है , तू कया अलग घूमाया मुझे  ऐसे ऐसी जगह तो घुमी हुई है | कहकर लोगो को भी सुनाया जाता है | अपने आप को बडा मानते है लोग , जिनकी जेब नही है दस से ज्यादा कया नोट  कहकर ये लोगों को बढाया जाता है | अकसर जिन्हे देखी ही नही मेहनत की वो  राते , वो अकसर रातो रात खबाबो के सपने सजाते है | मर्द थकते नही उन्हे थकाया जाता है | ये कह कहकर घर तेरे हाथ मे...

माँ🤰की एक 😥दुखभरी 😭काहानी

                        एक माॕ की एक दुखभरी काहानी 😥😥                         🤜🤙👊  ये काहानी आँखो मेआसूं ला देगी|यदि दम हे तो अंत तक पढना और अचछी लगेतो  कामेंट करे| एक महिला थी |वो अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करा करती थी |कुछ दिन बाद उसके पति की तबीयत खराब हो गई|उसका पति कुछ दिन बाद गुजर गये|अब उसकी जिंदगी एक दम अकेले हो गई| get one free on three soap click here for shop now: कुछ दिनो बाद उसके एक लडका हुआ|वो भी बहुत सुन्दर | अभी वो उसके साथ अचछा समय व्यतीत करती थी| बहुत खुश थी|अचछी तरह से समय गुजार रही थी| अचानक उस बच्चे की तबीयत खराब हो गई| डाकटर ने उसको  सीरियस बताया| बाद मे उसने अपने बचचे को ठीक करवा दिया| परमात्मा की दया से अब वो अचछी तरह से ठीक हो गया| अब उसका बचचा अचछी तरह से हिलना डुलना शुरु हो गया|अब उसकी मां स्कूल मे बच्चे को भेजना शुरू कर  दिया|कुछ दिन स्कूल मे गया |अब फिर...

बहन की 😭विदाई 😓😭

  बहन की 😭विदाई 😓😭   बहन बहुत याद आती है जब मैने अपने हाथ से तेरा हाथ  दुसरे के हाथो मे पकडा दिया |  बस एक बात सोचकर की मेरी बहन खुश रहेगी और कोई कभी दुख नहीं देखेगी |        बहन की शादी से पहले मे ये बोलता था कि मै नही रोऊगा , नही शादी मे ,आखिर कयो वो दिन  कयो आ जाता है | कि एक कदम और एक सांस तक नही बोली जाती |     बहन  बस अब वो दिन ही याद आता है कि आपको अपने घर से जब स्टेज तक चार भाई आपको किसी के हवाले कर देते है |       आप कैसे चल रहे थे  ये तो पता नही पर मेरे पाव आगे नही फट रहे थे| और 20 कदम चलना इतना मुशिकल था | जैसे कि हम कहा और किस रास्ते पर जा रहै है |       जब हमने अपनी बहन को किसी के हाथ मे हाथ रखवाकर उनको स्टेज पर बिठा दिया | ये नही पता था कि वो कैसे होगे और किस तरह के होगे | पर कैसे रहेगी मेरी बहन 😥|       बहन जब वो मंडप पर सात चक्कर लगवाना तब तब ये लगता था कि कितना सच करेगे और कितने सच रहेगी|     बहन एक  वो जब पडिंत के दवारा चार वर को मनवाना ...

365 दिन की दिन की वो राते याद हे मुझे 365 दिन की वो राते , तनहाई में कटी थी वो दिन की राते , रोकर भी अपने आप को चुप कराई की थी बाते ,

 365 दिन की दिन की वो  राते  याद हे मुझे 365 दिन की वो राते , तनहाई में कटी थी वो दिन की राते  , रोकर भी अपने आप को चुप कराई की थी बाते , कोई नही अगले दिन तो होगा ना सवेरे ये कहकर  बस पलके थी ना समेटी  , याद तो हे ना तुझे भी मेरी वो तनहाई वाली राते , सुबह उठकर देखा था ,तो पलके तो थी ही वैसे  पर टपकी की आंखे , कहती थी चल पडता हू में , कहती थी चल पडता हू में , ये कहकर वो मेरी आंखे , याद तो हे तुझे मेरी 365 दिन की वो राते , याद हे तुझे मेरी 365 दिन की ,  चीख वाली राते , कहकर अब चला हू , हर काहानी में अपना दर्द लिखा हू , ना किसी से कहू  बस , अपने आप को लिखता हूँ , ना किसी से मदद ली , ना किसी का बुरा भला किया | अपनी ही रातो में कटी थी तनहाई की राते , बदले -थे -बदले अपने वो सलिके , हर कदम पर ठोस मिला हू , तनहाई में इतना दर्द सहा हूँ , ना किसी को गलत कहा, ना किसी की अपमानित किया हू  , बस अपनी लाईन में चला हू | हर काहानी में मैने बहुत दर्द  लिखा  है | कदम- कदम पर अपना काम और नाम लिखा हे | ना किसी से की गैरौ वाली मोहबबते, बस अपनी नियति ...

तू भोली डोली तो है | तू एक निडर तो है फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना ,

 तू भोली डोली तो है | तू एक निडर तो है | फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना , सबके आगे नतमस्तक करने वाली तो तु है| मान नही सम्मान रखने वाली तो है | तू मेरी एक काहानी तो है | अच्छी तो है पर तू एक निडर तो है | गजब महजब है तेरा , किसी से कम थोडी ही है , तू राजा की रानी , महलो की एक  शान तो है | करतब दिखाते हुऐ एक जीवन की  आश तो है | तू बलवान तो है | पर गुससे से लाल तो है , कभी कभी मेरे मन की बात तो है ना , समझना जरूरी नही  तू एक महान तो है ना , जरूरी नही दिल धडके , आसमान में अभी रात तौ है ना , गिरजे ये बादलो की दहाड , कडकडाऐ आसमान में बिजली की कडी ये तार, दहलाऐ धरती पर दिलो की दुकान , फिर भी तु रखे ये मान और  सम्मान, तू ताकत तो है , Buy Now   तु आँखो का पानी तो है , दिन गुजरे या रात तू एक , बस अपनी चाहत तो है ना , कभी अपनी बात ,और आपकी वो बात , दिल में अभी ताकत तो है ना , लुटकते हुऐ लोटे मे अटका पानी तो है ना , फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना , निडर तो है तु पर  मेरी नजरो में भोली डोली तो है ना , फौजी की प्यारी महिला ✔️ ये भी पढे ✔️✔️ ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया . ....

उठ मेरे बुलबुल राजा , तू लोट के आजा | दिल नही लगता बेटे जल्दी सी तुम घर आजा ,

 उठ मेरे बुलबुल  राजा , तू लोट के आजा  Buy Now 🤙 | दिल नही लगता बेटे  जल्दी सी तुम घर आजा , मेरे बुलबुल राजा , मुझे समझाजा , मन नही लगता  कभी पापा के साथ आजा,  खेलेगे मिटटी मे , चल अपना टरेकटर लेके आजा , खाऐगे मस्ती से , मेरे साथ मे आजा , गाडी मे घूममेगे , चककर लाऐगे , चश्मा पहनके शहर जाऐगे, उठ मेरे बुलबुल  राजा , थोडा हंस के दिखा के  अपने छोटे - छोटे दांत दिखा जा , याद आता है तेरा गुस्सा , मुझे अपना थोडा ठूस्सा दिखा जा | नन्हे नन्हे पांव से  मुझे उछल के दिखा जा | अपना डांस करके घर में दिखा जा , पहनाऊगा पगडी , दादा को दिखा जा , उठ मेरे बुलबुल , मेरी  बाहौ मे आजा , तेरा रूसवा मुझे दिखा जा, लाऊगा चाकलेट , फिर मुझे हंस के दिखा जा | मेरे बुलबुल राजा ,अपने घर आजा, बच्चो की टोली संग , अपना नाम बता जा , उठ मेरे बेटे , मुझे हंस के दिखा जा , मेरी मस्ती के लिऐ तुझे मेरे  कन्धो पर आजा , मेरे बुलबुल राजा , दिल नही लगता बेटे , अपने घर आजा, ओ मेरे बुलबुल राजा || अपना हँसना दिखा जा | Buy Now 🤙 ये भी कहानियां पढे Click Now ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ...

मेरी💞प्यारी बहन🤷🏼🤦🏻

                                          ✍✍✍                                                    मेरी प्यारी बहन बहन तो बहन होती है|| क्या बताऊ एक बहन की काहानी एक बार जब मे स्कूल मे जाया करता था | तब मेरी बहन भी स्कूल जाया करती थी, हमेशा मेरी केयर करती थी क्योकि  मे भी उसका भाई था | एक जीवन मे यदि किसी की बहन  ना हो ना उसके लिऐ एक जिंदगी बोझ बन जाती है| क्या बताऊ बहन तो बहन ही होती हे, जब भी कोई नया काम हो  उसमे सबसे आगे आना  सबसे पहले काम करना  ओर उचित उतर आना | ये बहन का काम होता हे, क्योकि बहन तो बहन होती हे  मेरी प्यारी बहन, ....... बहन वास्तव में अत्यंत  नेक इंसान की होती  है क्योकि  बहन तो बहन होती हे, वो बहन की दवाऐ , की मेरा भाई  कोई नौकरी ल...

मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है और मुझे किसी को गिराना भी नही ||

 मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है   और मुझे किसी को गिराना भी नही || बात कम करता हू , पर मुझे छूपाना नही आता | घर की हर बात याद है मुझे , तेरी बाहौ में मुझे अब चैन नही आता | मुझे आशिकी नही आती | मुझे निभाना आता है | मुझे तो बस समझाना आता हे | गलत आदमी से बात नही | बस गलतियों से सिखना आता हे | सच बताऊ मुझे आशिकी नही आती | काहानी लिखी  है मैने मेरे कलमो से , काहानी लिखी  है मैने मेरे कलमो से , किसी की फालतू कहनी नही आती | मुझे गिरना नही और गिराना भी नही आता , बात कम करता हू , पर छूपानी नही आती | मुझे आशिकी नही आती | सच में काहानी तो लाखो लिख दू , पर झूठी मुठी बाते कहनी नही आती || पर मे  तेरे जैसे का जिक्र नही करता | पर मे  तेरे जैसे का जिक्र नही करता | Buy Now तू सच हो या झूठ , मुझे बताना नही आता , मे आशिकी नही करता , में समझता हू हर बात | किसी को गलत कहना नही आता | मुझे आशिकी नही आती , मुझे निभाना आता हे | मुझे गिरना नही है   और मुझे किसी को गिराना भी नही आता , बात कम करता हू , पर छूपाना नही आता | मुझे आशिकी नही आती ...