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एक साहस मजदूर (साथी ही साथ निभाता है) की काहनी!!!

एक साहस  मजदूर ( साथी ही साथ निभाता है) की काहनी!!!

प्रणाम,
       मै  आपको गांव मे रहने वाले जुगल की कहानी
सुनाने जा रहा हु| जो की आंवला  (म.प्र।) भारत का  निवासी  है | जुगल अविवाहित है| वाह का सच्चा और नैक लड़का है| जो की बहुत मेहनती और कुशाल भी है |

जुगल मजदुरी करता और खूद के घर का पलन और देख रेख बी| मै अपके सामने उसकी सच्ची घटना लेकर आया हूँ |
             जुगल रोज के जैसे मजदुरी के लिए संतोष के साथ राम के घर जाता है और वहीँ काम करता है |सुबह से दुपहर तक तो सही से काम चलता है फिर अचानक दौपहर के वकत काम करते-करते जुगल का पैंट फट जाता है |

    जो की सब के सामने हसीं का पात्र बन जाता  है| जिसे देख सभी काम करने वाले  हस्ते है और उसका मज़ाक बनाते है| इसके कारण वह भी शर्म के कारण लज़्ज़ित महसूस करता है और  फिर वो मकान मालिक से सुई -धागा  मांग कर पैंट  को सीलता है और वापस से काम पर लग जाता है |अचानक वहाँ पर कही से नाग -नागिन आ जाते है जो की घर के लोगो मे भैय पैदा कर देते है लोग घबरा कर इधर से उधर भाग रहे होत है|
   जब यह बात जुगल को पता चलते ही जुगल वहाँ आता है और उन्हें देख कर एक समय के लिए वो भी डर जाता है | वह अपने आप को सँभालते हुए अपने विवेक से काम  लेते  हुए लोगो को भागने से रोकता है और सभी लोगो को एक जगह इक्कठा कर देता है |वही नाग -नागिन भी इन्हे देख कर भयभीत हो जाते है

 |जुगल वाह पर नाग -नागिन के लिए रास्ता बना कर उन्हें निकाल देता है और लोग वाह पर शांति से चैन की सास लेते है और अंत मै लोग उसको धन्यवाद कहते है और उस से माफ़ी मांगते है |उसका मज़ाक बनाने के लिए |शाम को काम करते ही फिर दोनों घर चले जाते है |

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   इस नेक कार्य के बाद से लोग उस से मानभाव के साथ आदर करते जिससे की उसके मन मै भी लोगो के प्रति सम्मान बढ़ गया |इसके बाद से गांव मै भी  उसकी तारीफ और बढ़ गए ओर वो अपने कामों  को ओर विवेक भाव से करने लगा|
        हम सब मे ये जुगल किशोर कही ना कही होना चाहिए । जब लोगो ने उसका मजाक बनाया उसके उपर हसे तो जुगल के पास दो विकल्प थे या तो उन सब से लडाई कर लेता और फिर लज्जित होकर काम छोड घर चला जाता या फिर समस्या का समाधान ढूंढ़ता।
   समस्याए सभी के जीवन मे होती हे उनसे भागने के बजाय उसका सामना किया|  दोस्तों समस्या का सामना  करने का नाम ही तो जीवन है ।
     इन्सान हो या जानवर जब तक हम उन्हे परेशान या दुखी नही करते वो भी हमे जानबुझकर तकलीफ नही देते हैं !



निसकरस:
  मिलझुल कर रहे ,साथ रहे ,साथी ही साथ निभाता है !!



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__________✍✍✍ अनिल हटरिया___________



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