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पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे | पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |

 पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |

पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |


पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |

पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |

अपने बनकर दूसरो के साथ चले जाऐगे |

साथ साथ दिखावा करके पीछे से वार कर जाऐगे |

पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |

पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |  पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |


गेरो के साथ रहकर अपने के साथ रहने के ढोंग दिखाऐगे |

लोगो मे खिल्ली उडाकर फिर से बस जाऐगे |

अपने नही वो जो औरो के साथ रह जाऐगे |

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पता नही था कि लोग इतने भी बदल जाऐगे ||

मन में भेर ,दिल मे अकड ,तन मे गर्मी 

ये वसूल बन के रह जाऐगे |

पता नही था कि लोग इतने बदल जाऐगे |

बाप का प्यार पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |  पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |


थके नही पर वो हमे थकाऐगे |

अपनी अकड मे रहकर अपनो से ही रूठ जाऐगे |

किस्मत जिद्दी है मेरी भी इतना कया है कि सूखे पेड है जो कि कल मुरझा जाऐगे ||

पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |

पता नही था कि वो दिन भी  आऐगे |

मर्जी मेरी ,जिद्दी भी मेरी ,

तू कया तुम्हारी वर्दी भी मेरी ,

अपनी जिददी भी मेरी ,अपनी आदत भी मेरी ,

पता नही था कि वो दिन आ जाऐगे |  पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |


ये कहकर लोग इतने बदल जाऐगे ||

पता नही था कि लोग बदल जाऐगे |

पता नही था की वो दिन भी आ जाऐगे ||



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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया


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