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तुझे याद तो होगे ना वो दिन, तुझे याद तो होगे ना वो बाते , करते थे पूरी राते हम बाते ,

 तुझे याद तो होगे ना  वो दिन,

तुझे याद तो होगे ना वो बाते ,

करते थे पूरी राते हम बाते  ,

तुझे याद तो होगे ना  वो दिन,  तुझे याद तो होगे ना वो बाते ,  करते थे पूरी राते हम बाते  ,


जब आते थे व्हाटसअप 

पर प्यार वाले वादे ,

अब तुझे याद तो होगे ना वो वादे ,

अब तुझे याद तो होगे ना वो किये हुऐ इरादे ,

झुका था में हर मोड पर तेरे लिऐ  ,

हर झूठ को भी छोडकर बडे थे आगे ,

अब , याद तो होगे ना ,

वो तेरे झूठे वादे ,

एक घंटे की बाते भी लगती  थी छोटी ,

अब वो कहाँ गई अपनी यादे ,

जब कहते थे की बस तुम ही हो जो भी ,मेरे 

अब कहाँ गई वो तेरी बाते ,

तुझे याद तो होगे ना  वो दिन,

तुझे याद तो होगे ना वो बाते ,

लड लिया मे सब से ,

पर में तुझसे कभी नही लड पाया ,

आज वो बात कहाँ गई ,

अब वो याद कहाँ गई 

अब पता नही कौन है वो ,

जिससे तेरा दिल लगा |

पता नही वो दिन कहाँ गये ||

यादे अब मुझे भी नही रही |

इंतजार अब मुझे भी नही  रहा |

बात कम हुई  ,पर वादे बहुत हुऐ ||

समय कम था मेरा पास ,

इसलिए में झूठ को पकड नही पाया |

लोगों की काहानी सुनी नही ,

पर आज काहानी अपनी हो गई |

अब वो बात नही रही ,

अब याद मुझे भी नही रही ,

पर तुझे तो  याद तो होगे ना  वो दिन,

तुझे याद तो होगी , ना वो बाते ,




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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया


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