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दिल है ये यार , कहा से कहना माने , समझता है बहुत , पर कहता नही है कही ,ये दिल है यार ,

 दिल है ये यार ,

कहा से कहना माने ,

समझता है बहुत ,

पर कहता नही है कही ,,

सूकून के पल जी ले ना


रातो रातो को भी जाग उठता है ,

दिनौ की तो सुनता है ही नही ,

कर्म करते करते थकता नही ,

अपने में विशवास रखकर ,

फिर ये रूकता है ही कही भी नहीं ,

मानता है तो सिर्फ अपना ,

कहता ही नही किसी को थोडा भी कही  , 

कयोकि ये दिल मानता है ही नही ,

मेहनत में रखता है बस विशवास ,

कर्मो मे ये  रखता है बहुत बडा सब्र ,

अकडता नही ये कही भी ,

पर गलत में झुकता भी कही नही ,

ये दिल है यार मानता ही नही ,

बस अपनी सुनता है किसी ओर की नही ,

इशारे पर नही ,

किसी की बातो में नही ,

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थोडा धोखा देना तो ये सोचता भी नही ,

कर्म अच्छे रखो बस कहता है हर कही ,

ये दिल है यार मानता ही नही ,

हर मोड को अच्छे से तराश कर के देखता है |

हर रोड को बडी कठिनाई से पार करके सांस रोका है |

दिल में आराम की जगह है ही नही ,

दिल उठ जाता है रातो को भी ,

कयोकि ये मानता है ही नही ,

मेहनत में दम रखता है ,

बेवजह की बातो से अपने आप को दूर रखता है |

कयोकि ये दिल है मेरा किसी 

और का नही ,

कहा ही नही मानता ,

पर समझता है हर बात एकदम सही ||

ये दिल है यार कहता ही नही ,

दौडता है घोडो की तरह ,

बस थकता ही नही ||

ये दिल है यार ,

कहता कुछ भी नही |||


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✍🏻✍🏻✍🏻अनिल हटरिया

...

..

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