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आखिर दाग लग ही जाते है | सफेद रंगो मे ही नही, गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |

 आखिर दाग लग ही जाते है |

सफेद रंगो मे ही नही,

 गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |

आखिर दाग लग ही जाते है |  सफेद रंगो मे ही नही,   गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |


सच बताऊ तो 

तुम चाहे कितना अच्छा बन लो 

कुछ लोग दाग लगा ही देते है |

तुम चाहे दिल जान लगाकर 

चाह लो ,

लोग दुसरो की तरफ रूह 

मोड ही लेते है |

में अपनी कहानियों में ही नही लिखता 

ब्लकि अपना दर्द ,

हर दर्द को वो 

लोग झूठा बता ही देते है |

कुछ लोग सच्चे को झूठा बता ही जाते है |

दिन को भी रात बता देते हे |

आखिर दाग लग ही जाते है |

गहरे रंगो में भी नजर पड जाते है |

अपनी पहुँच उच्ची रख करके 

लोगो . को बेकूफ समझ जाते है |

कभी कभी सफेद कपडों में ही नही ,

गहरे रंगों मे भी दाग पड जाते है ||

कभी कभी लोग मीठे बनकर,

एहसान करने लग जाते है |

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सच्ची बात तो ये है कि ,

मुर्ख़ लोग भी सब समझ जाते है |

आखिर दाग लग ही जाते है |

सफेद रंगो मे ही नही,

 गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |

कैसे कह दू ,

फर्क नही पडता दाग से ,

आखिर लोग दगा देकर भी 

अपने घाव को छूपा जाते है ||

आखिर लोग आखमिचोली खेल ही जाते है |

धोखा देने की हद ही नही ,

अपने आप को राम से बडा मान जाते है |

आखिर लोग दाग लगा ही देते है |

गहरे रंगो में भी दाग दिख जाते है |

सच बताऊ तो 

तुम चाहे तो  कितना अच्छा बन लो 

कुछ लोग दाग लगा ही देते है |

कुछ लोग दाग लगा ही देते है |



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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया

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