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मुझे इतना इंतजार कयू है | जब तुम बात ही नही करना चाहता है तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है | जब तू मुझसे प्यार ही नही करता , तो फिर तेरा मेरा ये इंतजार कयू है |

 मुझे इतना इंतजार कयू है |

जब तुम बात ही नही करना चाहता है 

तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है |

जब तू मुझसे प्यार ही नही करता ,

तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार कयू है |

मुझे इतना इंतजार कयू है |  जब तुम बात ही नही करना चाहता है   तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है |  जब तू मुझसे प्यार ही नही करता ,  तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार कयू है |


जब तेरे को मेरी परवाह ही नहीं है ,

तो तेरे प्रति मेरा प्यार कयू हे ,

तू हमे चाहता ही नही है तो 

मुझे तुम पर इतना इतबार कयू है |

तू हर बार की तरह चाहता ही है तो 

फिर तुझे मेरे पर विश्वास कयो नही है |

तु मुझसे बात ही नही करना चाहता तो

 मेरी आँखो मे तेरे 

इंतजार कयू है ||

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हर बार पुछता हूँ ,

तुम जो मुझे जवाब देना ही नही चाहता तो 

मेरे पास इतने सवाल कयू है |

हर बार पुछता हूँ 

फिर भी तेरा जबाब कयू नही है ||

हर बार प्यार की बात में ही करू ,

तो फिर सिर्फ तुमसे ही प्यार कयू है |

तुझे मेरी चाहत ही नही तो 

फिर मुझे छोडने का इतना हक कयू नही |

मुझे इतना इंतजार कयू है |

जब तुम बात ही नही करना चाहता है 

तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है |

जब तू मुझसे प्यार ही नही करता ,

तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार कयू है |

हर बात को बहकता बहकता दिखाता है |

पर तेरी  आदत मे सुधार कयू नही है |

तू मेरे  को खुद से अलग कर बैठा है |

तो फिर मेरे रूह में तेरा इतना असर कयू है ||

हर बार चाहत हे तुझे बस मेरी ,

तो चाह कर प्यार करने का इंतजार कयू है |

और जब तुझे मेरी फिक्र ही नही तो 

फिर मुझे तेरा इंतजार कयू है ||

हर बार में ही प्यार की बात करू 

कया तुम्हे मुझसे प्यार ही  नही है |

तुझे हर बात समझाऊ ,

हर बार मनाऊ ||

कया मेरे को ही तुमसे प्यार कयू हूँ |

हर बार चाहत हे तुझे बस मेरी ,

तो चाह कर प्यार करने का इंतजार कयू है |

फिर भी मुझे इतना इंतजार कयू है |

जब तुम बात ही नही करना चाहता है 

तो फिर मेरा इंतजार ही कयू है |

जब तू मुझसे प्यार ही नही करता ,

तो फिर तेरा मेरा ये  इंतजार ही  कयू है |






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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया


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