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माना की परिवार जरूरी है | माना की पैसा जरूरी है वक्त अच्छा रहने के लिऐ वकत जरूरी है |

 माना की पैसा जरूरी है |

पर पैसे के साथ परिवार भी जरूरी है |

ये वक्त वक्त की बात है |

माना की परिवार जरूरी है |

माना की पैसा जरूरी है 

माना की परिवार जरूरी है |  माना की पैसा जरूरी है   वक्त अच्छा रहने के लिऐ वकत जरूरी है |


वक्त अच्छा रहने के लिऐ वकत जरूरी है |

वक्त अच्छा  रखने के लिऐ दिल जरूरी है |

माना की पैसा जरूरी है |

पर पैसा से ज्यादा परिवार जरूरी है |

माना की वकत जरूरी है |

अपना होने के लिऐ बस एक दिल जरूरी है |

दिल को रखने के लिऐ एक दिल जरूरी है |

परिवार को अच्छा रखने के लिऐ वक्त जरूरी है |

माना की पैसा जरूरी है |

पैसे के साथ अपना होना जरूरी है |

अपनौ के साथ अपना होना भी जरूरी है |

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वक्त अच्छे के साथ वकत का होना भी जरूरी है |

वकत निकाल के परिवार संभालना भी जरूरी है |

अच्छे कर्मो के भोग के साथ भगवान  भी जरूरी है |

हर जरूरी वकत के लिऐ जिंदा दिल भी जरूरी है |

माना की वकत जरूरी है |

वकत के साथ परिवार भी जरूरी है |

जरूरी है हर रिशते , पर ; 

पर रिशतो में मिठास भी जरूरी है |

वकत के साथ वकत को मिलाना भी जरूरी है |

अपने है ही नही  वो जो नजर से अनदेखा करते है |

नजर सही ही नही उनकी जिनकी नजर ठीक ही नही ,

कयौकि वक्त के साथ वकत होना होना भी जरूरी है |

अपने वक्त को देखो कया कर रहे हो कयौकि वक्त बदलता है वकत के साथ |

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और जो अपने होते है वो रहते है परिवार के साथ |

वक्त वकत की बात है | वक्त में वो खास है |

अपने है ही नही जिनके वकत में दूसरो का हाथ है |

कयोकि ये सब वकत की बात है |

कयो कि वक्त है तो वाकय बदल जाते है |

अपने ही आदमी कुछ के कहने पर वाकय में बदल जाते है |

कयोकि वक्त बदलता है |

पर जो अपने होते है वो कभी नही बदलते |

बदल वो जाते जिनके मन में वहम होता है |

बदल वो जाते है जिनके गहन में घंमड होता है |

अपने तो अपने ही  होते है |

जिनके लिऐ कुछ नही बदलता |

कयोकि वकत बदलता है और 

व्यकित बदल जाते है |

वकत बदलता है और   व्यकित बदल जाते है |


माना की परिवार जरूरी है |

पर वक्त की मार से वाकय बदल जाते है |

माना की पैसा जरूरी है ,

पर अपने ही लोग अपने आप बदल जाते है |

वकत वकत की बात है गैर भी 

अपने हो जाते है |

वकत वकत की बात है |

अपने ही नही आपको भी बदल के चले जाते है |

माना की पैसा जरूरी है |

पर पैसे के साथ परिवार भी जरूरी है |

ये वक्त वक्त की बात है |

वाकय मे अपने ही बदल जाते है |

माना की पैसा जरूरी है |

पर पैसे के साथ परिवार भी जरूरी है |

ये वक्त वक्त की बात है |




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✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया

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