मै सूकुन का कंधा ||
में एक सूकुन का कंधा
है अपनो में ही हू अंधा ,
कह दू तो
सभी मे गंदा ,
में हू एक सूकुन का कंधा ,
थोडा रो दू तो
कह देते है ,तू ही तो मेरे दिलो का छल्ला ||
में एक सूकून का कंधा ,
में ही हू सूकून का कंधा ||
मर्द हू बस यही है ,
तक है अपनी यारी ,
ना करता हू लोगो में गद्दारी ,
करता हूँ सूकून का एक पल्ला ,
बाह दे देता हूँ ,
सिर रखने के लिऐ ,
अपनो को बता देता हूँ ,
मन को शांत करने के लिऐ ,
सूकून दे देता हूँ ,
सिर रखने के लिऐ ,
ना गैरो से उम्मीद करता हूँ ,
अपना बनाने के लिऐ ,
हर मोड पर लिखता हूँ ,
कुछ बनने के लिऐ ,
हर बार सीख रहा हू ,
जीने के लिऐ |||
ना कभी मरता हूँ गैरो को मनाने के लिऐ ,
सूकून के कंधे दे देता हूँ ,
सिर रखने के लिऐ ,
याद तो बहुत है मुझे ,
पर दिलो के उपर सिर्फ राज
उन्ही पर करता हूँ ||
जिनका दिल धडकता है सिर्फ मेरे लिऐ ,
साथ नही छोडा उन्होने मेरा ,
तेरह बीमारी होने के बाद भी ,
बस कह दिया तू ही है
मेरा सूकून ||
जी तू बस जीने के लिऐ ,
सूकून का कंधा तो है ,
पर मेरे दिल का छल्ला तो तू ही है ||
मै हू एक सूकुन का कंधा ||
में ही हू एक सूकुन का कंधा
#मेरी_मां @मेरी_मां
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