कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना |
कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना | मस्ती भरी आह ,मस्त मन को सजा के रखो ना , कयो दिल में दर्द ,आँखो में आँसू दिया करो ना , मन को थौडा हल्का कर दिया करो ना | गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , अब पहेलियां में अंक दिया करो ना , दिल की बात दिल से किया करो ना | मन की बात मुझे कहाँ करो ना , अच्छे बुरे दिन तो आते रहते है , बस हंस के मुझसे बात किया करो ना , घमंड थोडा कम,पर दिल में मेरे लिऐ सांस भरा करो ना | में कुछ नही कहता पर तुम कुछ कहाँ करो ना | में गुस्सा कभी कम तो कभी ज्यादा , करता हूँ ,पर हक से तुम मुझे अपना कहाँ करो ना , मर्द की आँखो मे भी दर्द होता है , दिल जहाँ ना रहे वहा पर भी ये रोता है | एक सच्चा मर्द ऐसे ही नही बस सुबकता , वो बस अपनी जुबान पे टिका रहता है | कुछ समय निकाल कर हंस लिया करो ,ना मेरी जिंदगी में रखे है बस सच्चे वादे , तुम झूठे इरादो को कंधौ पर रखकर बोझ ना लादाकरो ना | कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा ...