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कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना |

 कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा दिया कर ना , तंग भी तू ही किया कर ना , आँखो से आँसू निकलने मत दिया करो ना | मस्ती भरी आह ,मस्त मन को सजा के रखो ना , कयो दिल में दर्द ,आँखो में आँसू दिया करो ना , मन को थौडा हल्का कर दिया करो ना | गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , गजब सी पहेली बनी ये पकितियां , अब पहेलियां में अंक दिया करो ना , दिल की बात दिल से किया करो ना | मन की बात मुझे कहाँ करो ना , अच्छे बुरे दिन तो आते रहते है , बस हंस के मुझसे बात किया करो ना , घमंड थोडा कम,पर  दिल में मेरे लिऐ सांस भरा करो ना | में कुछ नही कहता पर तुम कुछ कहाँ करो ना | में गुस्सा कभी कम तो कभी ज्यादा , करता हूँ ,पर हक से तुम मुझे अपना कहाँ करो ना , मर्द की आँखो मे भी दर्द होता है , दिल जहाँ ना रहे वहा पर भी ये रोता है | एक सच्चा मर्द ऐसे ही नही बस सुबकता , वो बस अपनी जुबान पे टिका रहता है |  कुछ समय निकाल कर हंस लिया करो ,ना  मेरी जिंदगी में रखे है बस सच्चे वादे , तुम झूठे इरादो को कंधौ पर रखकर  बोझ ना लादाकरो ना | कुछ समय निकाल लिया कर ना , थोडा सा मुसकराके मुझे हंसा ...

भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और पर दिल में दर्द कितना सस्ता है ||

 भाई यार तू कितना अच्छा है | दिल तो बहुत बडा और  पर  दिल में दर्द कितना सस्ता है || कैसे बता दू मेरे दिल की काहानी , दूखो मे वो सूकून वाली ये बातूनी , तू जहां है में वहाँ आ जाऊगा , पडे पल में वो दिककत तुझे समझा जाऊगा | तू है तो में शांत हूँ , बढते कदम में भी तेरे साथ हूँ , तंगी  के हर मोड पर भी तेरे आगे हूँ में ,, तू है तो में मंजिल को पा जाऊगा | रास्ते दिखा तू बस मै सब सपने साकार कर जाऊगा || तू है तो जग मिला , बचपन से वो मन मिला , साथ नही छोडा तूने वो प्यार मिला , तू नही होता तो शायद हर रास्ते से  भटक जाता , तू नही होता तो में ये सब ना कर पाता , घर की जिम्मेदारी से में दब जाता , यदि तेरा साथ नही मिलता तो , ये जग मुझे धूल में मिला देता , लोग भोलेपन का रूप देकर जख्मों से भर जाता , Buy Now   वो बस अपनापन देते , मुझे पैरो के निचे कुचल जाते , यदि तू मे सही राह  नही दिखाता तो में  शायद भटके हुऐ रास्तो पर चला जाता ,लोग  विश्वास दिलाकर अंदर जख्म भर  देते , तू साथ नही होता तो संसार फीका हो जाता , कलर जाहे कैसा भी होता सब   रंग फीका दिख...

तुझे जाना कही था और हमे आना कही था

 तुझे जाना कही था  और हमे आना कही था | गुलदस्ते देना था पर  कांटे की डालो को छुना नही था | हँसना भी बहुत था , पर तेरे सामने रोना बिल्कुल नही था | डाल मुरझाई हुई को टोडना बिल्कुल ही नही था , चलते - चलते सफर में गिरना बिल्कुल नही था | ठोकरे लगते- लगते सभंलना बहुत जरूरी था || जाना था जिसको जहाँ के रास्ते  वहा पर उसको रोकना मेरा काम नही था || पर तुझे जाना कही था , और मुझे आना कही था | ना समझा सका ये कहना , मेरे लिऐ , शब्द थोडा सा अनकाना था | मिल सके हम अपने आप से , ये सपने तो बहुत से  दिन और रातो में  आते थे , तोल मोल के डोले || मस्ती से मन खोले , बिना डर के प्यार से बोले , कह दे अपनी बात , नही रहना अब बस तेरे साथ , दूर हो जाते बिना कुछ बोले  और कह देते जिसको  कहना था,  पर  जिसको आना था , तो फिर  उसे जाना कयो था , लगन लगी थी बस जीने की , तो मरने की कयो सोची थी | तकरार कया है ये  दिल को बताना  भी जरूरी था | जिसको दिल की बात बताऐ , उससे फिर शर्माना कयो था | किताब खोली थी बहुत डरते- डरते , पर किसी को यहाँ पर  दिल  से प्...

ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां रूह कांप जाती है ||

 ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां  रूह कांप जाती है || भरे समुंदर में भी बाढ आ जाती है | कथन लिख लिखकर आंखे जाग उठती है | सोचने से ज्यादा रूह कांप जाती है | लिखने से पहले ही अपनो की ही  , आंखे  भर उठती  है || कहानियां दिल से लिखे तो दर्द जगा देती है | तन और मन से लिखे हुऐ तो रूह को कंपा  देती है | ऐसे ही नही लिखी जाती लाईने , ऐसे ही नही होता वो मात्रा का  मिलान , कयोंकि इसके  हर काहानी में होता है रूह का संसार , हटरिया लिखता है तो शांत बैठकर , पर कांप जाते लोग इसका रूह देखकर , बनावटी नही बनाते कहावे में ही नही , हम ऐसे वैसे गीत नही गाते , जहाज की  उठान से भी ज्यादा , काहानी में रुह कांपते , मंजिल की धडकन में इनके दिल नही कांपते , आगे कदम रखकर भी पीछे कदम नही टिकते , काहानी में कहां दम लगे ,लोग पढकर  सैकंडो में  ही दूर फैकते | Buy Now   बन तो जाती है शायर और शायरिया , जिनको आते है शायरो की मात्रा,का मिलान, जिनको मिलती है भावानाऐं , वो लिख बैठते है रूह कांप ने  वाली कहानियां , ऐसे ही नही लिखी जाती कहानियां,  रूह कांप जाती ...

ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले ,

 ऐ खामोशी मेरी जिंदगी का इमतिहान ना ले , अभी बाकी है मंजिल , अधूरे सपने ना आने  दे , बहुत ठोकर खाई है , इस भीड बडी दुनिया में , अब तू खामोशी में भी इमतिहान ना ले , सफर बढ रहा है धीरे धीरे , हवाऔ का झौका ना तेजी से आने दे | मुशिकल के रास्तो में , अब नामुकिन भी ना वो अंदाज मुझे ना आने दे | ऐ खामोशी इस चुप्पी का तू  शोर मत होने दे || Buy NoW चल रहे है अपने रास्तो पर , अब बेमतलब के चरणों से ना गुजरने दे , ऐ खामोशी अब फालतू के धंधे में समय  ना जाने दे || सपने अधूरे ही कहां पूरे हुऐ है , अभी से मुझे खामोशी का मौन ना तोडने दे || ऐ जिन्दगी और मेरे पल ,अभी जिन्दगी  में आगे बढने का नाम ना रूकने दे || चल रही है सांसे , अब तू मुझे गैरो से बैर ना होने दे | मुशिकलो के दौर में भी मुझे , कंठ की वो नाजायज आवाज ना निकलने दे , तबाही से तो नही डरना , बस मेरी चुप्पी तो इस संसार के लिऐ ना तोडने दे , ऐ खामोशी मुझे मेरे काम करने दे | कुछ अधूरे है काम , रास्तो में रूकावट ना आने दे || ऐ खामोशी ऐ मेरे जिन्दगी , मेरी जुबान पर गंदे लोगो के नाम ना आने दे || बहुत लिखे हुऐ है शलोक और कहानियां ...

जा जा तुझे जहाँ गिरना है | जा जा तुझे जहाँ मरना है || तू मर जितना मर सकता है | अफवाह नही चहिऐ , सच में रो तू जितना रो सकता है |

  तू गिर जितना गिर सकता है ,  गिरना तो  है ही तुझे , तू मर जितना मर सकता है | अफवाह नही चहिऐ , सच में रो तू जितना रो सकता है | आदते सच नही है तभी तो , तुम सच को झुठ बना सकता है | जा जा अब गिर जा , मरो या जाऔ , बस आंखो से दूर जाऔ ना  , मत दिख मुझे , जो कर सकता कर के देख ले , उममीद नही है तो सब कर के देख ले , जिंदगी को थोडा आगे और थोडा पीछे  पड के देख ले || गिर जा जहाँ गिरना वहाँ गिर  मरना है तुझे मर , मुझे कोई उम्मीद नही , दिन में रात ,और रातो को दिन करके देखा है || Buy Now Offer 30% off अब तु जा  यहाँ से , आया था मेरे पास तारे दिखाने के लिये| खुद को जीना नही पर दिखाता है  जीने की काहानी , बस बंद  कर दे ये मतलब की काहानी , कयोकि ये खुल्ले  रास्ते को बंद करते देखा है मैने || अब बस ये ही कहूंगा , तू जा जहाँ , है तुझे जाना ,, तू गिर ना तुझे गिरना है वहाँ | मत फिर आगे और  पीछे ,  जाल डालने की कोशिश कर ले ना दोबारा , शरीफ बंदो की उम्मीद पर पानी फेरने का जाला सज ले ना , अब रो कयो रहा है , गिर ना मेरे पैरो में , उम्मीद नही तो टिका दे घ...

वो गांव की गलियो वाला कल

  वो गांव की गलियो वाला कल  कदम निकला घर से तो गली मे आ गये  गांव से निकले से हम शहर चले आऐ, जब शहर से निकले तो परदेश चले आऐ, परदेशो से निकले तो विदेश पहुँच गये || बाद में पता चला कि हम तो अपना घर छोड आऐ| जहाँ बीता कल ,वो संसार छोड आऐ, सुनते थे कहानियां ,सुनाते थे  अपने गीत वो गांव की गलियां छोड आऐ , हम तो अपना घर छोड आऐ | आऐ कुछ कमाने तो कभी मन को भाने , पर सच में हम तो एक दिल छोड आऐ , गांव. मे वो अपना घर , गांव की वो गली  जिसमे खेलता था मेरा दोस्त  ओर वो  सब बहने अब पता चला कि  हम तो अपना एक बहुत बडा संसार छोड आऐ | आती है एक पल याद जब जाती है शाम , आती है एक पल याद जब जाती है शाम ,,थण थण मन तो करती है तंग तो कभी  मन को रहती है उलझन, सदा सदा वो याद तो आती है , गलियो की मस्ती , वो जोडड वाले किनारे , भैसो के साथ पशुओ को खेतो में चराने , साईकिल की सवारी से खेतो की रखवाली , घर आते वकत साईकल के साथ दौड , यही रहते रहते करते थे , शाम के इंतजार वाला  पल , गांव की गलियो में रहते थे  Buy Now .  वो बडे बुढो के साथ रहते थे  छोटे -2 प...

घर बदला है मैने , परिवार बदला है मैने , धोखे से अच्छा सच्चा साथी चुना है मैने इसलिये घर बदला है मैने , और बदला है परिवार मैने , और बदला है प्यार मेंने |||| ..

 घर बदला है मैने , परिवार बदला है मैने , धोखे से अच्छा  सच्चा साथी चुना है मैने , इतिहास में मैने दिवारो पर  देशभकतो के नाम देखे थे || कडी धूप में मैने अपने बाप की  परिक्षा होती देखा है मैने | कैसे कह दू साथ दिया है भगवान नै , मोदे पड पड रोते देखा है मेंने , चाल नही फट रही थी , एक नबंर की वजह से  जाब  लगते लगते छूटटती देखी है मेंने, ताने देणे वालो के आगे , काम मे आड लगाकर रोकते देखा है मेंने , कर्मो की मायाजाल के उपर , गरीबी का जाल देखा है मेंने , दर दर ठोकरे खाई है , कैसे कह दू सफल रास्ते  मिलते थे मुझे  || आग के आगे दोडता भी देखा है मेंने , घर में हुऐ अंधेरे को घटते देखा है मेंने, रूपया रूपया इकटठा करते मां - बाप  को देखा है मेंने , मुडे होऐ नोटो से मेरी फीस भरते  देखा है मेंने , स्कूल की आध्धी छूटटी  मे घर की तरफ भागते देखा है मेंने , फीस ना आने पर कलाश मे  दरवाजे आगे  खडे होके देखा है मेंने, परिवार बदला है मेंने , गंदे लोगो से हट कर अच्छे  काम करने की सोचा है मेंने , आज कह देते है लोग , किस्मत अच्छी हे तेरी अनिल ह...

दिल है ये यार , कहा से कहना माने , समझता है बहुत , पर कहता नही है कही ,ये दिल है यार ,

 दिल है ये यार , कहा से कहना माने , समझता है बहुत , पर कहता नही है कही ,, रातो रातो को भी जाग उठता है , दिनौ की तो सुनता है ही नही , कर्म करते करते थकता नही , अपने में विशवास रखकर , फिर ये रूकता है ही कही भी नहीं , मानता है तो सिर्फ अपना , कहता ही नही किसी को थोडा भी कही  ,  कयोकि ये दिल मानता है ही नही , मेहनत में रखता है बस विशवास , कर्मो मे ये  रखता है बहुत बडा सब्र , अकडता नही ये कही भी , पर गलत में झुकता भी कही नही , ये दिल है यार मानता ही नही , बस अपनी सुनता है किसी ओर की नही , इशारे पर नही , किसी की बातो में नही , Buy Now   थोडा धोखा देना तो ये सोचता भी नही , कर्म अच्छे रखो बस कहता है हर कही , ये दिल है यार मानता ही नही , हर मोड को अच्छे से तराश कर के देखता है | हर रोड को बडी कठिनाई से पार करके सांस रोका है | दिल में आराम की जगह है ही नही , दिल उठ जाता है रातो को भी , कयोकि ये मानता है ही नही , मेहनत में दम रखता है , बेवजह की बातो से अपने आप को दूर रखता है | कयोकि ये दिल है मेरा किसी  और का नही , कहा ही नही मानता , पर समझता है हर बात एकदम सही || ये द...

कुछ पल सूकून से जी ले ना यार, मतलबी नही मतलब रख ले ना यार ,

 कुछ पल सूकून से  जी ले ना यार, मतलबी नही मतलब रख ले ना यार , समझना नही आता तो  आदत को बदल ले ना यार, हम चाहते नही ओर किसी को , अब तुम समझ लो ना यार , मोहब्बत सीखा है ना यार , झूठे वादे करके ना किया किसी का अपमान ,, प्रेम रखा है बहुत , समझा भी रखा दिल को बहुत बार, अब सूकून से जी ले ना यार , मै नही कहता दिल को बार बार , अब बहुत समझा है ओ मेरे यार , कहता नही है ये बार बार , हक को मत मार ना मेरे यार , अब बार बार नही होता है प्यार , तू छोड ना अब नही होता है ये प्यार दो बार | हक से ले ना यार , मतलबी मत बन ना ओर मेंरे प्यार , कुछ पल सूकून के जी ले ना यार, कुछ पल सूकून के जी ले ना यार, ये भी पढे ?? ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... .. .

हिम्मत है मेरी जिंदगी मेहरबान है मेरा दिल ,

 हिम्मत है  मेरी जिंदगी  मेहरबान है मेरा दिल , कही से सुनी ना  किसी की , करी ना किसी से बेवजह दुशमनी , जिया हू बस अपने सपने से लडने के लिऐ , किस्मत  बहुत खराब थी  मिली , पर आश ना छोडी मैने , हिम्मत बहुत  है मेरी जिंदगी , आश तो बहुत  है मेरी जान ,  ठोकर ठोकर खाकर चलना सिखा , हर मोड पर गरीबी का जाल देखा , कमाने के चककर मे घर घर का  सामना देखा | बेकार लोगों से नाता छोडा , सच्चे आदमी का विशवास ना तोडा , हिम्मत मारी बहुत  मर मर के , किसी की ना फालतू आश देखी , कर्म को  बोलते थे ये  लोग ,, की तेरे तो  है ये  बहुत अच्छे , अब किस किस को बताऐ , की घर मे ना थे ढाई आने , रात कब आई सोने की तो  ना आश  देखी , बस सताती रही ,ये कमाने की लत , कमाने के चककर में बस रहती थी , ये घर चलाने की आश , हिम्मत है मेरी जिंदगी , मेहरबान है मेरा दिल , कमाने की ना आश छोडी  , Buy NoW ✔️🍀✔️ जिंदगी में आऐ सकंट के पल , फिर भी मेरे दिल ने ये आश ना छोडी , टूटे थे बहुत , पर दिल ने तो आह तक ना भरी , घर में बार बार मुडने की ये राह ना देखी...

डाकिये के लिऐ लडकी का एक सुनहरा गिफ्ट

 बहुत ही भावनात्मक काहानी जिससे सुन के आपके हाथ पाव काप उठ जाऐगे | पूरी जरूर पढिऐ || एक लडकी व डाकिये की काहानी || एक दिन एक बुजुर्ग डाकिये ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा..."चिट्ठी ले लीजिये।" आवाज़ सुनते ही तुरंत अंदर से एक लड़की की आवाज गूंजी..." अभी आ रही हूँ...ठहरो।" लेकिन लगभग पांच मिनट तक जब कोई न आया तब डाकिये ने फिर कहा.."अरे भाई! कोई है क्या, अपनी चिट्ठी ले लो...मुझें औऱ बहुत जगह जाना है..मैं ज्यादा देर इंतज़ार नहीं कर सकता....।" लड़की की फिर आवाज आई...," डाकिया चाचा , अगर आपको जल्दी है तो दरवाजे के नीचे से चिट्ठी अंदर डाल दीजिए,मैं आ रही हूँ कुछ देर औऱ लगेगा ।  " अब बूढ़े डाकिये ने झल्लाकर गुस्से से  कहा,"नहीं,मैं खड़ा हूँ,रजिस्टर्ड चिट्ठी है,किसी का हस्ताक्षर भी चाहिये।" जल्दी आईऐ || तकरीबन दस मिनट बाद दरवाजा खुला। डाकिया इस देरी के लिए ख़ूब झल्लाया हुआ तो था ही,अब उस लड़की पर चिल्लाने ही वाला था लेकिन, दरवाजा खुलते ही वह चौंक गया औऱ उसकी आँखें खुली की खुली रह गई।उसका सारा गुस्सा पल भर में एकदम फुर्र हो गया। उसके सामने एक न...

जिंदगी की रफतार

 जिंदगी की रफतार  रफ्तार की दौड फिर से आ गई , बीते दिनो को छोडके अब गाडी की रेस   अपने पंजो के नीचे आ गई | मर के जिंदा हूआ , अब जिंदगी की नई. राह आ  गई | 13 बीमारियो से बचकर  जिंदगी की रफतार अपने पंजो के नीचे आ गई | हर रोड पर मोड ही  मोड  वही जिंदगी से गिराने की राह आ गई थी | अब रफतार भरी जिंदगी फिर से आ गई है | गिराने वाले तो गिरे हुऐ रह गये है | बाजी मारने के चककर में लोगो के तलवे चाटते फिर गये | जिंदगी की रफतार में कुछ गैर लोग जिंदगी से फिसल गये | मतलबी अपना मकसद में नाकाम रह गये | युद्ध तो लाख किये पर तीर चलाने की बजाये कमान उठाना तो भूल गये , सागर की लहर में नही वो तो घर  बैठे बेठे जुबान चलना सीख गये | लोगो को गंदा बताकर ,अपने  आप को तो धोना भूल गये , जगह बदली ,पर जगह की दिमाग का कचरा  तो निकालना भुल गये , सिखा तो मेने जिंदगी के नये नये आयाम , पर टांग मुडने के बाद भी ये खेल छोडना  ना भुल पाया , कमर में लगा दर्द , फिर भी कमाने के लिऐ लाईन से चल दिये , आंख में हुई बहुत दिककत , फिर भी चशमा पहनना भूल गये , क ई क ई बार तो सुबह ...

सपने तो बहुत है | और खवाब भी बहोत , दिल एक है और दिलदार भी अनेक ,

 सपने तो बहुत है | और खवाब भी बहोत , दिल एक है और  दिलदार भी अनेक , अपने दिल की काहानी भी एक , अपने जिगर की रूह भी एक , सपने तो बहुत है | पर दिल है ही एक , काहानी भी लिखी है , इसने  दिल की  भी ,और बाहर की  भी अनेक, ये काहानी ,है ना  ना सुनी इसमे बेमतलब किसी की डाट , मतलबी नही बस सुनी है दिल की हजारो बार, खुद. दिल से डाट , Buy Now 📯📯   सपने तो बहोत है , पर सुनता है ये दिल की बात , मोड मोड पर पढा है , कर्मो में भाग्य लिखा पडा  है , अपने से नाता जौडा है | ना रखा किसी से दवेश , और ना दिल में कोई मतभेद | सपने तो बहुत है और खवाब भी अनेक , सुन रहा हे ये दिल आपकी , मानता ना की भी एक , चार चांद नही , दिल को समझाता है ये  दिमाग , खेलता है फिर फरिशतो  की बडी ढोल से , दिल नही बुरा चाई पाई  की निपाई तक अपने ये आयाम , सपने तो बहुत है | और खवाब भी बहोत , दिल एक है और  दिलदार भी अनेक , रखा है सच्चा ये ईमान , ना कर रहा है किसी के साथ  बुरा ये प्रचार || सपने तो बहुत है | पर अपने सपने अपने होते है | ना रखो किसी पर आश ,पर रखो सदा विश्वास...

तू रूक मत बंदे ,जाग अभी तो जिंदगी बाकी है | तू दौड अभी तो जिंदगी अधूरी है |

 तू रूक मत बंदे ,जाग  अभी तो जिंदगी बाकी है | तू दौड अभी तो जिंदगी  अधूरी है | तू मत थक अभी , बुढापा अभी बाकी है | तू जाग , मत सो  अभी तो अंधेरा बाकी है | तू मत थक , अभी तो जिंदगी की  नाव चालू है | किस्मत मे अभी बहुत कुछ बाक है | तू जाग रे , बंदे  जागना तो अभी जरूरी है | Buy Noww   तू चल दूर तक रास्ता तो अभी बाकी है | कर्म की नाव अभी चलाना बाकी है | तू रूक ना ऐ बंदे , कर्मो की देन में लिखा हुआ पडा अभी बाकी है | शांति से चल औ बंदे , युद्ध बहुत बाकी है | ना कर किसी को बडा छोटा , कयोकि अपना तो भगवान साथी है | तिरछा नही  चलाना सिखाया , कयोकि हमे तो हमारे मांत पिता  ने लिखना पढना हमे  सिखाया है | तू मत कर औ मेरी दुशमनी , कयोकि कमाना अभी बाकी है| गलत राह से हटना  सभंल संभल कर कदम रख औ बंदे , कयोकि रास्ते में कांटे बहुत बाकी है | तू रूक मत ,जाग  अभी तो जिंदगी बाकी है | तू दौड अभी तो जिंदगी  अभी भी अधूरी है | ये भी पढे ✔️✔️ यहाँ से पूरे फोटो भी देखे ✔️ यहाँ से पढे ढेरो सारी कहानिया✔️✔️✔️ ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया ... .. .

तू भोली डोली तो है | तू एक निडर तो है फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना ,

 तू भोली डोली तो है | तू एक निडर तो है | फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना , सबके आगे नतमस्तक करने वाली तो तु है| मान नही सम्मान रखने वाली तो है | तू मेरी एक काहानी तो है | अच्छी तो है पर तू एक निडर तो है | गजब महजब है तेरा , किसी से कम थोडी ही है , तू राजा की रानी , महलो की एक  शान तो है | करतब दिखाते हुऐ एक जीवन की  आश तो है | तू बलवान तो है | पर गुससे से लाल तो है , कभी कभी मेरे मन की बात तो है ना , समझना जरूरी नही  तू एक महान तो है ना , जरूरी नही दिल धडके , आसमान में अभी रात तौ है ना , गिरजे ये बादलो की दहाड , कडकडाऐ आसमान में बिजली की कडी ये तार, दहलाऐ धरती पर दिलो की दुकान , फिर भी तु रखे ये मान और  सम्मान, तू ताकत तो है , Buy Now   तु आँखो का पानी तो है , दिन गुजरे या रात तू एक , बस अपनी चाहत तो है ना , कभी अपनी बात ,और आपकी वो बात , दिल में अभी ताकत तो है ना , लुटकते हुऐ लोटे मे अटका पानी तो है ना , फिर भी तु मेरी काहानी तो है ना , निडर तो है तु पर  मेरी नजरो में भोली डोली तो है ना , फौजी की प्यारी महिला ✔️ ये भी पढे ✔️✔️ ✍🏻✍🏻✍🏻 अनिल हटरिया . ....

काम करने से डरना कयू , झूठे लोगो से पीछे हटना कयो , गलत लोगो से बात करना कयू , करना कयू

करना ही कयू फिर डरना कयो ?  काम करने से डरना कयू  , झूठे लोगो से पीछे हटना कयो , गलत लोगो से बात करना कयू , सही राह पर चलने से डरना कयू || मजबूरी में काम को छोडना कयू , ताकत के आगे अकडना कयू , गन्दे लौगो से मिलना कयू , आँसू बेमतलब  बहाना कयू || सोच सोच समय खराब करे कयू , आश लगी है तो फिर कयू ना करे विश्वास , काम करना है तो डरना कयू , हर बार गलत पनाह देना कयू , बेमतलब कामो में पडना कयू , ताकत नही तो बल से लडना कयू , अपनो की मोहबबत व बेजुबान को मारना कयू , बच्चो की खुशी देखकर अपने को दुखी करना कयो , झूठे लोगो से पीछे हटना कयो , आदत गंदी है तो समझाना ही कयो , घर के कामो में भागेदारी से बचना कयू , बचपन में ही जिम्मेदारी लेना कयू , बडे बुढढो के आगे अकडना कयू || मात पिता के गुण से बचना कयू || मजबूर  करकर किसी से हाथ मिलाना कयू , आदत बेइमान की भरना ही कयू , संस्कार नही वहाँ घर में रहना ही कयू , सही राह पर चलने से डरना कयू || मजबूरी में काम को छोडना कयू , Buy Now 📣📣   अपने दुश्मन बने उससे बार बार समझाना कयू , रिश्वत देकर काम करना ही कयू , गरीबी में हाल चाल ना पुछे उस ...

पापा में कैसे आपको भुल 😥जाऊ

  पापा में कैसे आपको  भुल 😥जाऊ  पापा में कैसे भूल जाऊ आपको , पापा कैसे कह दू कया किया है आपने , समझ में नही पापा कैसे चलाऐ होगे वौ घर , जब घर में दो रूपये भी ना थे  बस कहते थे कि तुम सब खुश रहो , सब संभाल लूंगा , आश थी वो बहुत बडी , कुछ ना होते भी सब घर में थी | Buy Now   बहुत खुशी हमारे  , दो टाईम की रोटी थी अच्छी , भले ही चटनी के साथ खाया था खाना , सब्जी ना होते हुऐ भी , चीनी के साथ मिलाकर भरा था पेट, समोसे तो कर्मो थे ही  कहाँ , बस चाय से साथ रोटी को  डुबाकर , किये थे वो जीवन की घडी का इंतजार , मां का वो लाड , भी कैसा  जब आती थी टोकरी से  चुडी पहनाकर के , घर आके मिलते थे बस सिर्फ 40 रूपये , फिर भी बहुत. खुश थे घर के हर कोने , लोगो को कया कहे जब घर में ना थे   अगले  चार दिन का खाने के पैसे , साईकिल से उतारते से वो सामान वाली पेटी , गिनते थे पैसे तरोडे मरोडे हुऐ , अस्सी नब्बे रूपये होते थे बहुत मुशिकल से , फिर भी कहते थे पापा मेरे की बहुत होगे लीला , तीस तो बचत के हो  ही गये होगे | चल कोई कल फिर से थोडा जल्दी  ...