बहुत ठीक होने लग गया हूँ || बहुत दूर होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | काहानी अलग लिख ली है मैने , अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ || अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू |
बहुत ठीक होने लग गया हूँ || बहुत दूर होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | काहानी अलग लिख ली है मैने , अब चाहने वालो से भी दूर हो गया हूँ || अभी बहुत ठीक सा होने लगा हू | (2024-25) के पिछले साल की 13 बीमारीयो से अभी छुट गया हूँ | अब चल पडा हू कुछ नया आयाम बनाने , सपने ही नही बस उनको साकार बनाने , चल पडा हू कुछ नया बनाने , मोहब्बत से अलग अपना संसार बनाने , बीते साल की अब याद बुलाने , बदल रहा हू मे अपना राह , अब कुछ लोगों की अपनी वो याद दिलाने , दिया हुआ मेंरा दिल से, वो बरासलेट वाले ऐकंर का छलला , जिसने तोडा था मेरा सात जन्मों वाला वादा , अब उसे दिखे गा ना अब मेरा ये सात जन्मों वाला इरादा , बहुत ठीक सा होने लग गया हूँ || बहुत दूर सा होने लग गया हूँ | मोहबबत के जाल से थोडा दूर हो गया हूँ | पीकर नही काटी रात मैने , मेहनत की आड में सैंकी है आंख मैने , पढा हू दिन रात बस अब ओर नाम कमाने , बीते साल की 13 बीमारीयो से लडकर , अब चल पडा हू कुछ नया दिखाने , बस अब हो गया हूँ नया नये जमाने में , बीते पल की ना बात बताऊ , अब आ गया हूँ कुछ अलग...